
बलरामपुर: नौकरी लगाने के नाम पर रिश्ते के भांजे द्वारा 2.02 लाख की ठगी किए जाने का मामला थाना चलगली क्षेत्र से सामने आया है। पुलिस ने मामले में 21 वर्षीय आरोपी आशीष पिता रामदिल, निवासी सरस्वतीपुर, चौकी रनहत को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार रामऔतार पिता संजीवन राम, उम्र 29 वर्ष, निवासी थाना चलगली ने 10 सितंबर 2026 को थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसके रिश्ते का भांजा आशीष सिंह उसके घर आया था और दस्तावेज लेकर ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने तथा नौकरी लगवाने की बात कही थी। इसके बाद आरोपी ने नौकरी लगाने के नाम पर अलग-अलग माध्यमों से रकम लेना शुरू किया।शिकायत के मुताबिक, प्रार्थी ने आरोपी के बताए फिनो पेमेंट बैंक के बारकोड पर फोन-पे के माध्यम से अलग-अलग तारीखों में रकम ट्रांसफर की। इसके अलावा आरोपी के कहने पर दूसरे नंबर पर भी रकम जमा कराई गई तथा आरोपी को नगद राशि भी दी गई। आरोपी ने बाद में प्रार्थी के व्हाट्सएप नंबर पर फर्जी नियुक्ति पत्र भेजा और पासबुक व पैन कार्ड की जानकारी भी मांगी।
प्रार्थी के अनुसार, इस तरह आरोपी को कुल 2,02,00 दिए गए, लेकिन न तो नौकरी लगी और न ही आरोपी ने रकम वापस की। पैसे मांगने पर आरोपी आज-कल देने की बात कहकर टालता रहा और बाद में फोन उठाना भी बंद कर दिया।शिकायत के आधार पर थाना चलगली पुलिस ने अपराध क्रमांक 52/2026 के तहत धारा 318(4), 336(3), 338 एवं 340(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।विवेचना के दौरान आरोपी आशीष ने 19 सितंबर 2026 को वीवो कंपनी का मोबाइल पुलिस के समक्ष पेश किया, जिसे पुलिस ने जप्ती पत्रक के अनुसार जप्त कर लिया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने घटना में संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार चंदन सिंह, प्रधान आरक्षक 405 विष्णुकांत मिश्रा साइबर आरक्षक 1085 आकाश तिवारी एवं महिला आरक्षक 708 विनीता यादव शामिल रहे।


















