
सत्ता, संसाधन और धनबल पर भारी पड़ा मजदूरों का विश्वास, 19 वर्षों से अव्वल रही एचएमएस
एकल सदस्यता सत्यापन में 895 मतों के साथ हिंद मजदूर सभा फिर सबसे आगे, बीएमएस को 803 वोट: शिवानी में दो मतों का अंतर
सूरजपुर/भटगांव। कोल इंडिया में पहली बार एकल सदस्यता के आधार पर यूनियन सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हुई। इस बार कर्मचारी केवल एक संगठन की सदस्यता ले सकता था, जबकि पहले एक से अधिक यूनियनों से जुड़ने की व्यवस्था थी। ऐसे में सामने आए परिणाम श्रमिक संगठनों की वास्तविक पकड़ का महत्वपूर्ण संकेत माने जा रहे हैं। एसईसीएल भटगांव एरिया में चारों संगठनों ने सदस्यता हासिल करने के लिए व्यापक प्रयास किए। इस दौरान राजनीतिक प्रभाव, आर्थिक संसाधनों और कर्मचारियों को प्रभावित करने के आरोप भी सामने आए। एचएमएस ने बीएमएस पर अलग-अलग हथकंडे अपनाने का आरोप लगाया, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
तमाम परिस्थितियों के बीच हिंद मजदूर सभा (एचएमएस) ने 895 मत लेकर भटगांव एरिया में अव्वल स्थान हासिल किया। बीएमएस को 803, इंटक को 185 और एटक को 131 वोट मिले। कुल 2046 वैध मतों में एचएमएस ने बीएमएस से 92 वोट अधिक प्राप्त किए। संगठन का कहना है कि भटगांव क्षेत्र में वह लगातार 19 वर्षों से पहले पायदान पर बनी हुई है और इस परिणाम ने उस पकड़ को फिर कायम रखा है।
इकाईवार आंकड़ों में भी दिखी कड़ी टक्कर
एरिया हेडक्वार्टर में एचएमएस को 135 और बीएमएस को 54 मत मिले। भटगांव यूजी में क्रमश: 312 और 268 वोट दर्ज हुए। नवापारा में एचएमएस ने 80 तथा बीएमएस ने 49 मत हासिल किए। शिवानी में मुकाबला बेहद नजदीकी रहा, जहां एचएमएस को 276 और बीएमएस को 274 वोट मिले। दुग्गा एसए में एचएमएस ने 13 और बीएमएस ने 5 मत प्राप्त किए।कल्याणी में बीएमएस 43 वोट लेकर आगे रही, जबकि एचएमएस को 3 मत मिले। जगन्नाथपुर में भी बीएमएस को 110 और एचएमएस को 76 वोट मिले। अलग-अलग इकाइयों में परिणाम भले अलग रहे, लेकिन संयुक्त आंकड़ों में एचएमएस सबसे आगे रही।
पुराने आंकड़ों में भी सदस्यता के लिहाज से बढ़त
वर्ष 2025 के चेक-ऑफ आंकड़ों में एचएमएस से जुड़ी कुल सदस्यता 1363 थी, जबकि बीएमएस के 1147 सदस्य दर्ज थे। इनमें एचएमएस के 691 और बीएमएस के 531 कर्मचारी केवल एक संगठन से जुड़े थे। इस बार एकल सदस्यता व्यवस्था ने कर्मचारियों की पसंद को पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट कर दिया
सतीश तिवारी बोले, यह मजदूरों के भरोसे की जीत
एचएमएस भटगांव के क्षेत्रीय महामंत्री सतीश तिवारी ने कहा कि सत्ता, संसाधन और धनबल के बीच भी कामगारों का भरोसा संगठन के साथ रहा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रभाव और दबाव के बावजूद 895 कर्मचारियों ने अधिकार और सम्मान के पक्ष में मतदान किया। उनके अनुसार यह उपलब्धि सिर्फ एचएमएस की नहीं, बल्कि उन श्रमिकों की है जिन्होंने भय और प्रलोभन को नकारकर अपना फैसला सुनाया।भटगांव के कामगारों ने एक बार फिर संगठन पर भरोसा जताया है। 19 वर्षों से पहले पायदान पर बने रहने का दावा अब एचएमएस के सामने उस विश्वास को आगे भी कायम रखने की बड़ी जिम्मेदारी लेकर आया है।




















