
swatantra bhardwaj: जंतर-मंतर पर 23 जून 2026 को हुए प्रदर्शन के दौरान मारपीट के मामले में इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज की कानूनी मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। दिल्ली पुलिस ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में पहले से दर्ज FIR में अब SC/ST एक्ट की धाराएं भी शामिल कर दी हैं। शुरुआती मामले में BNS की धारा 115(2), 126(2) और 3(5) के तहत कार्रवाई शुरू हुई थी।पुलिस के मुताबिक, शिकायत में सामने आए जातिगत आरोपों और पीड़ित की सामाजिक पहचान से जुड़े तथ्यों के आधार पर केस में SC/ST एक्ट के प्रावधान जोड़े गए हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन धाराओं की सटीक उपधाराओं की आधिकारिक पुष्टि सार्वजनिक नहीं हुई है।
नाबालिग को ऑनलाइन धमकी देने के आरोप में नई FIR
इस विवाद से जुड़े एक अन्य मामले में नाबालिग छात्रा की शिकायत पर POCSO एक्ट के तहत अलग FIR दर्ज की गई है। शिकायत में ऑनलाइन धमकी देने और आपत्तिजनक सामग्री के जरिए परेशान करने के आरोप लगाए गए हैं।इस केस में BNS की धारा 351(3), 78 और 79 के साथ IT Act की धारा 67 के तहत भी कार्रवाई की गई है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और डिजिटल सामग्री की जांच कर रही है।
बुलंदशहर से हिरासत में लिए गए स्वतंत्र भारद्वाज
मामले में कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। उनके खिलाफ दर्ज दोनों मामलों को लेकर पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है।
आखिर जंतर-मंतर पर उस दिन हुआ क्या था?
23 जून को प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट का आरोप लगाया गया था। शिकायत के आधार पर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में FIR नंबर 62/2026 दर्ज की गई थी। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार को घेरकर उनके सिर पर हमला किया गया, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा।बाद में स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़ा एक वीडियो या पॉडकास्ट क्लिप सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें कथित तौर पर घटना का जिक्र किया गया था। हालांकि, भारद्वाज की ओर से कार्रवाई को आत्मरक्षा बताया गया है। अब SC/ST एक्ट और POCSO की कार्रवाई जुड़ने के बाद यह मामला और गंभीर कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है।




















