नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में 26 अगस्त की सुबह आई अचानक बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 165 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। बाढ़ के तेज बहाव में कई पुल, सड़कें और हाइड्रो पावर परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं।

इस आपदा के बाद नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिकों को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि 130 से अधिक भारतीयों से संपर्क नहीं हो पाया है। इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालु और अलग-अलग राज्यों से पहुंचे पर्यटक शामिल हैं।

संचार व्यवस्था ठप होने से राहत और तलाश में मुश्किल

फ्लैश फ्लड के कारण प्रभावित इलाकों में संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। मोबाइल नेटवर्क और अन्य संपर्क माध्यमों के बाधित होने से लापता लोगों की स्थिति का पता लगाने में राहत एजेंसियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

नेपाल की सेना और विभिन्न खोज एवं बचाव एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने के लिए भारतीय दूतावास के स्तर पर भी प्रयास किए जा रहे हैं।

कई राज्यों ने जारी किए सहायता नंबर

लापता या प्रभावित भारतीयों के परिजनों की मदद के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के साथ तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों ने हेल्पलाइन शुरू की हैं।

अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक 59 भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। नेटवर्क बाधित होने के कारण इनमें से कितने लोग सुरक्षित हैं और कितने अभी संपर्क से बाहर हैं, इसकी पूरी तस्वीर सामने नहीं आ सकी है।

तमिलनाडु के 37 यात्रियों से संपर्क नहीं

तमिलनाडु से नेपाल गए 57 पर्यटकों में से 37 लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। वहीं 20 यात्रियों से संपर्क स्थापित होने की जानकारी है। बताया जा रहा है कि यह समूह हिमालय क्षेत्र के एक मंदिर की ओर जा रहा था।

इसके अलावा ईशा फाउंडेशन से जुड़े 77 लोगों की स्थिति को लेकर भी अभी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। नेपाल सरकार के अनुसार प्रभावित क्षेत्र में इमिग्रेशन सेंटर के कर्मचारियों से भी अब तक संपर्क नहीं हो सका है।

कोलकाता से गया 32 लोगों का समूह भी संपर्क से बाहर

कोलकाता से 21 अगस्त को रवाना हुआ 32 लोगों का एक समूह भी नेपाल-तिब्बत सीमा पर संपर्क से बाहर है। इस दल में 30 पर्यटक और दो टूर मैनेजर शामिल बताए जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार यह समूह नेपाल-तिब्बत सीमा पर स्थित इमिग्रेशन कार्यालय तक पहुंचा था। इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो सका।

महाराष्ट्र के तीन लोगों से संपर्क की कोशिश जारी

महाराष्ट्र से नेपाल गए सात लोगों में से चार के संपर्क में आने की जानकारी सामने आई है। बाकी तीन लोगों से संपर्क स्थापित करने के प्रयास जारी हैं।

फिलहाल बचाव एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने और संचार व्यवस्था बहाल करने की है। भारतीय और नेपाली एजेंसियां लापता लोगों की जानकारी जुटाने के साथ उनकी सुरक्षित वापसी के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।

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