

दुर्ग: नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई के बाद दुर्ग पुलिस ने जब्त किए गए मादक पदार्थों के नष्टीकरण की बड़ी कार्रवाई की है। जिला दुर्ग के विभिन्न थाना और चौकी क्षेत्रों में दर्ज 66 मादक पदार्थ संबंधी प्रकरणों में न्यायालयीन एवं वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब 1.20 करोड़ रुपये कीमत के मादक पदार्थों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत नष्ट किया गया।जिला स्तरीय औषधि निपटान समिति के समन्वय से 8 अगस्त 2026 को यह कार्रवाई की गई। नष्ट की गई सामग्री में 138.196 किलोग्राम गांजा, 114.56 ग्राम हेरोइन, 1,758 नशीली टेबलेट, 2,772 नशीले कैप्सूल और 837 नग नशीली दवाई के सीरप शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, जब्त मादक पदार्थों के संबंध में सभी आवश्यक न्यायालयीन और वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद उन्हें नष्टीकरण के लिए प्रस्तुत किया गया था। पर्यावरण विभाग और संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति लेने के बाद निर्धारित सुरक्षा एवं पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए पूरी कार्रवाई संपन्न की गई।
BSP के भस्मीकरण संयंत्र में नष्ट किया गांजा और अन्य पदार्थ
जब्त मादक पदार्थों का नष्टीकरण भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के एसएमएस-03 प्लांट स्थित भस्मीकरण संयंत्र में निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया गया। वहीं नशीली दवाओं के सीरप का नष्टीकरण थाना नेवई क्षेत्र के नेवईभाठा में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया गया।
इस दौरान डीआईजी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) शोभराज अग्रवाल, नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर सत्यप्रकाश तिवारी तथा प्रभारी सहायक आयुक्त आबकारी अशोक अग्रवाल सहित जिला स्तरीय औषधि निपटान समिति के अधिकारी मौजूद रहे।पुलिस ने बताया कि पूरी कार्रवाई में डीसीआरबी शाखा, जिला स्तरीय औषधि निपटान समिति, पर्यावरण विभाग, नगर निगम भिलाई और भिलाई इस्पात संयंत्र एसएमएस-03 के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सहयोग रहा।
नशे के खिलाफ सूचना देने पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि मादक पदार्थों के अवैध उत्पादन, परिवहन, बिक्री या सेवन से संबंधित किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।











