गुवाहाटी। असम विधानसभा चुनाव 2026 में करारी हार के बाद कांग्रेस संगठन में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जितेंद्र सिंह ने असम के प्रभारी महासचिव पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजते हुए चुनाव परिणामों की पूरी जिम्मेदारी खुद ली है।

‘जनता की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके’, पत्र में जताई निराशा
अपने इस्तीफे में जितेंद्र सिंह ने स्वीकार किया कि पार्टी के प्रयासों के बावजूद वे असम की जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए। उन्होंने चुनाव परिणामों को निराशाजनक बताते हुए कहा कि इस स्थिति में पद पर बने रहना उचित नहीं है।

संगठन में नई दिशा के लिए छोड़ा पद, नेतृत्व परिवर्तन की जरूरत पर जोर
सिंह ने अपने पत्र में यह भी लिखा कि संगठन के हित में नए नेतृत्व और नई सोच को अवसर देना जरूरी है। उनका मानना है कि बदलाव से ही पार्टी को आगे बढ़ने का रास्ता मिलेगा।

कार्यकर्ताओं और जनता का जताया आभार, निभाते रहेंगे जिम्मेदारी
उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग और विश्वास के लिए पार्टी नेतृत्व, कार्यकर्ताओं और असम की जनता का धन्यवाद किया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि वे पार्टी की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध रहेंगे और भविष्य में भी सक्रिय योगदान देते रहेंगे।

हार के बाद कांग्रेस में इस्तीफों का दौर, विपक्ष का पद भी खाली
असम में कांग्रेस की हार इतनी बड़ी रही कि पार्टी विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता का पद हासिल करने की स्थिति में भी नहीं पहुंच पाई। नियमों के तहत अब यह पद खाली रहेगा, जो पार्टी के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

आगे की रणनीति पर नजर, संगठन में बदलाव की शुरुआत
इस इस्तीफे के बाद कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। अब यह देखना अहम होगा कि पार्टी असम में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए क्या नई रणनीति अपनाती है।

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