

भिंड। जिले के लहार थाना क्षेत्र में सहायक सचिव के साथ हुई मारपीट और बंधक बनाए जाने के मामले में नया खुलासा सामने आया है। शुरुआत में यह घटना केवल विवाद और मारपीट से जुड़ी नजर आ रही थी, लेकिन अब किसानों ने इसके पीछे गेहूं खरीदी में कथित गड़बड़ी और लाखों रुपये के भुगतान विवाद का आरोप लगाया है।किसानों का कहना है कि MSP खरीदी केंद्र पर गेहूं बेचने के बाद भी उन्हें पूरी राशि नहीं मिली, जिसके चलते लंबे समय से नाराजगी बनी हुई थी। इसी विवाद के बाद सहायक सचिव को निशाना बनाया गया।
20 किसानों के गेहूं भुगतान को लेकर शुरू हुआ विवाद
किसानों के अनुसार, इस साल लहार बस स्टैंड स्थित MSP खरीदी केंद्र पर 20 किसानों ने कुल 1,512 क्विंटल गेहूं बेचा था। इस गेहूं की अनुमानित कीमत करीब 38 लाख रुपये बताई जा रही है।
किसानों का आरोप है कि इसमें से लगभग 20 लाख रुपये का भुगतान तो कर दिया गया, लेकिन करीब 14 लाख 83 हजार रुपये की राशि अब तक नहीं मिली। किसानों का कहना है कि भुगतान को लेकर उन्होंने कई बार सहायक सचिव विनोद सिंह राजावत से संपर्क किया, लेकिन उन्हें लगातार टाल दिया गया।
किसानों ने लगाए फर्जी पंजीयन और सरकारी योजना के दुरुपयोग के आरोप
किसानों ने सहायक सचिव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि MSP राशि में कथित हेरफेर के लिए फर्जी किसानों के नाम से पंजीयन कराया गया। आरोप है कि इसमें रिश्तेदारों के नाम भी शामिल किए गए और कुछ मामलों में दूसरे किसानों की जमीन का उपयोग किया गया।किसानों का दावा है कि बाजार से कम कीमत पर गेहूं खरीदकर उसे फर्जी नामों से MSP योजना के तहत बेचने की कोशिश की गई। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पहले भी गेहूं खरीदी में गड़बड़ी के आरोपों का दावा
मामले में यह भी सामने आया है कि विनोद सिंह राजावत पर पहले भी गेहूं खरीदी से जुड़ी अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं। किसानों का कहना है कि मछंड खरीदी केंद्र प्रभारी रहते हुए करीब डेढ़ करोड़ रुपये की गेहूं खरीदी में गड़बड़ी के आरोप सामने आए थे।
हालांकि, इन आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच और संबंधित विभाग की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।
13 घंटे तक कार में बंधक बनाकर मारपीट का आरोप
सहायक सचिव विनोद सिंह राजावत ने आरोप लगाया है कि किसानों के एक समूह ने उन्हें लहार में पकड़ लिया और करीब 13 घंटे तक कार में बंधक बनाकर रखा।उनका आरोप है कि इस दौरान बेसबॉल बैट, प्लास्टिक पाइप, लात-घूंसों और थप्पड़ों से उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि मारपीट के दौरान वह बेहोश हो गए थे।पीड़ित के अनुसार, होश में आने के बाद आरोपियों ने पिस्टल दिखाकर उनसे तीन चेक, पांच कोरे कागज और 200-200 रुपये के दो स्टाम्प पेपर पर जबरन हस्ताक्षर भी कराए।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, दोनों पक्षों के आरोपों की जांच जारी
घटना के बाद पीड़ित सहायक सचिव पुलिस के पास पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। लहार थाना पुलिस ने अजीत सिंह चौहान, वीर प्रताप सिंह, पवन गुप्ता और अभिनंदन सिंह समेत चार नामजद तथा दो अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है।43 वर्षीय विनोद सिंह राजावत बगियापुरा निवासी हैं और वर्तमान में मछंड सेवा सहकारी संस्था में सहायक सचिव के पद पर कार्यरत हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। एक तरफ सहायक सचिव को बंधक बनाकर मारपीट और जबरन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने के आरोपों की पड़ताल की जा रही है, वहीं दूसरी ओर किसानों द्वारा लगाए गए MSP खरीदी में कथित फर्जीवाड़े और भुगतान विवाद की भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी सच्चाई सामने आएगी।










