

Harshit Rana : भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज हर्षित राणा एक बार फिर चर्चा में हैं। हालांकि इस बार वजह उनका प्रदर्शन नहीं, बल्कि उनकी फिटनेस से जुड़ी रिपोर्ट है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के दौरान हर्षित राणा निर्धारित फिटनेस मानकों से करीब 4 किलो अधिक वजन के साथ टीम कैंप पहुंचे थे। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि उन्हें गंभीर चोट नहीं थी, बल्कि अधिक वजन के कारण गेंदबाजी के दौरान बार-बार क्रैंप की समस्या हो रही थी।
फिटनेस ने बढ़ाई परेशानी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर्षित राणा घुटने की समस्या के कारण कुछ महीनों तक क्रिकेट से दूर रहे थे। वापसी के बाद उन्होंने दोबारा खेलना शुरू किया, लेकिन गेंदबाजी के दौरान लगातार क्रैंप आने लगे। इसी वजह से उन्हें टीम से बाहर करना पड़ा।बताया जा रहा है कि उनकी फिटनेस उम्मीद के अनुरूप नहीं थी, जिससे मैदान पर उनका प्रदर्शन भी प्रभावित हुआ।
रिपोर्ट में क्या दावा किया गया?
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने हर्षित राणा को फिटनेस क्लियरेंस दे दी थी, जबकि उनका वजन लगभग 97 किलो था। रिपोर्ट में कहा गया है कि तय मानकों के अनुसार उनका वजन 96 किलो से अधिक नहीं होना चाहिए था।इसी वजह से उनकी फिटनेस को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
BCCI ने जताई नाराजगी
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि टीम प्रबंधन हर्षित राणा को टीम में शामिल करना चाहता था, इसलिए उन्हें फिटनेस मंजूरी मिल गई। मामला सामने आने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इस पर नाराजगी जताई है।बताया जा रहा है कि बोर्ड ने फिजियो और मेडिकल स्टाफ को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भविष्य में किसी भी खिलाड़ी के लिए फिटनेस मानकों में कोई ढील नहीं दी जाएगी और सभी खिलाड़ियों पर समान नियम लागू होंगे।
लगातार बढ़ रही हैं चोट की समस्याएं
हाल के समय में भारतीय टीम कई खिलाड़ियों की चोट से जूझ रही है। हर्षित राणा के अलावा जसप्रीत बुमराह, साई सुदर्शन और वाशिंगटन सुंदर भी फिटनेस और चोट संबंधी समस्याओं से प्रभावित रहे हैं। वहीं हार्दिक पंड्या भी लंबे समय तक चोट के कारण टीम से बाहर रह चुके हैं।लगातार खिलाड़ियों के अनफिट होने से टीम संयोजन पर असर पड़ रहा है, जिससे टीम प्रबंधन और कप्तान शुभमन गिल की चिंताएं भी बढ़ी हैं।
फिटनेस पर रहेगा खास फोकस
लगातार सामने आ रहे फिटनेस मामलों के बाद माना जा रहा है कि BCCI अब खिलाड़ियों की फिटनेस निगरानी और मेडिकल प्रक्रिया को और सख्त बनाने की तैयारी में है, ताकि भविष्य में चयन और मैदान पर प्रदर्शन दोनों प्रभावित न हों।










