

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित डायनामिक सेंटर से जुड़े बहुचर्चित मामले में जिला अदालत ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। जाली दस्तावेजों के जरिए व्यावसायिक भवन पर कब्जा करने के आरोपों को गंभीर मानते हुए अदालत ने तीन आरोपियों के खिलाफ जालसाजी का मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
तीन आरोपियों पर केस दर्ज करने का आदेश
भोपाल जिला न्यायालय ने सुनवाई के बाद अमित पांडे, विद्याचरण दुबे और एम. के. जॉन के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े आरोपों में मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद यह मामला फिर चर्चा में आ गया है।
रिटायर्ड आईएएस अधिकारी के पति का भी नाम
इस मामले को हाई प्रोफाइल इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि आरोपियों में अमित पांडे का नाम शामिल है, जो एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी के पति बताए जा रहे हैं। इसी कारण इस प्रकरण पर सभी की नजर बनी हुई है।
डायनामिक सेंटर को लेकर क्या है विवाद
पूरा मामला एमपी नगर के जोन-1 स्थित बहुमंजिला व्यावसायिक भवन डायनामिक सेंटर से जुड़ा है। आरोप है कि भवन से संबंधित दस्तावेजों में कथित तौर पर गड़बड़ी कर संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश की गई। इसी मामले में अदालत ने पुलिस कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
नगर निगम ने पहले भी जारी किया था नोटिस
इस प्रकरण में भोपाल नगर निगम ने पहले लीजधारक को नोटिस जारी किया था। नोटिस में कहा गया था कि वर्ष 1973 में 30 वर्ष की अवधि के लिए दी गई लीज की शर्तों का पालन नहीं किया गया। साथ ही स्वीकृत नक्शे के अनुरूप निर्माण नहीं होने का भी उल्लेख किया गया था।अब अदालत के ताजा आदेश के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस की आगामी जांच में दस्तावेजों की सत्यता और कथित फर्जीवाड़े से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तार से जांच की जाएगी।











