

डोंगरगढ़ : छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में भाजपा की अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ गई है। 111 भाजपा कार्यकर्ताओं के सामूहिक इस्तीफे का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब 25 और कार्यकर्ताओं ने पार्टी से सामूहिक इस्तीफा देकर संगठन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार हो रहे इस्तीफों ने स्थानीय भाजपा इकाई में चल रहे असंतोष को उजागर कर दिया है।

बलविंदर सिंह विक्की और एम. तुलसी के नेतृत्व में दिया इस्तीफा
जिला भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के मंत्री बलविंदर सिंह विक्की और पूर्व महिला मोर्चा अध्यक्ष एम. तुलसी के नेतृत्व में 25 कार्यकर्ताओं ने जिला भाजपा अध्यक्ष के नाम अपना सामूहिक इस्तीफा सौंपा। इस्तीफा देने वाले नेताओं का आरोप है कि शहर मंडल अध्यक्ष की कार्यशैली से कार्यकर्ताओं में गहरी नाराजगी है।
परिवारवाद और पक्षपात के लगाए आरोप
इस्तीफा देने वाले कार्यकर्ताओं का कहना है कि संगठन में परिवारवाद और पक्षपात हावी हो गया है। उनका आरोप है कि केवल चहेते लोगों को जिम्मेदारियां दी जा रही हैं, जबकि लंबे समय से पार्टी के लिए काम करने वाले समर्पित कार्यकर्ताओं की लगातार अनदेखी की जा रही है।

पदों के बंटवारे पर भी उठे सवाल
पूर्व शहर मंडल महामंत्री संतोष राव ने भी मंडल अध्यक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन में पदों का वितरण निष्पक्ष तरीके से नहीं किया गया और चुनिंदा लोगों को ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गईं। उनका दावा है कि मंडल अध्यक्ष किसी एक व्यक्ति के प्रभाव में काम कर रहे हैं, जिससे पुराने कार्यकर्ताओं में भारी असंतोष है।
इस्तीफों की संख्या बढ़ने की जताई आशंका
संतोष राव ने कहा कि यदि संगठन की कार्यप्रणाली में बदलाव नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में और भी कार्यकर्ता पार्टी छोड़ सकते हैं। उनका कहना है कि मौजूदा हालात से कई कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
कांग्रेस ने साधा भाजपा पर निशाना
भाजपा में मचे इस विवाद पर डोंगरगढ़ की कांग्रेस विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा लंबे समय से कांग्रेस पर परिवारवाद के आरोप लगाती रही है, लेकिन अब उसी पार्टी के कार्यकर्ता संगठन के भीतर परिवारवाद और पक्षपात के आरोप लगा रहे हैं। विधायक ने दावा किया कि डोंगरगढ़ में भाजपा का संगठन लगातार कमजोर होता जा रहा है और कार्यकर्ताओं का भरोसा नेतृत्व से कम होता दिख रहा है।











