

दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के बहुचर्चित मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व आम आदमी पार्टी पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इससे पहले अदालत सभी आरोपियों को हत्या सहित कई गंभीर धाराओं में दोषी ठहरा चुकी थी। हालांकि इस मामले में दिल्ली पुलिस ने अदालत से दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की थी।
सुनवाई के दौरान पुलिस ने रखा यह पक्ष
सजा पर बहस के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि अंकित शर्मा पर बेहद निर्मम तरीके से हमला किया गया था। पुलिस के अनुसार हत्या के बाद भी शव के साथ बर्बरता की गई, उसे घसीटकर चांद बाग इलाके तक ले जाया गया और बाद में नाले में फेंक दिया गया। पुलिस ने इसे अत्यंत जघन्य अपराध बताते हुए दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की थी।
इन पांच दोषियों को मिली उम्रकैद
अदालत ने 13 जुलाई को ताहिर हुसैन, नदीम, कासिम, अनस और जावेद को दोषी करार दिया था। शुक्रवार को इन्हीं पांचों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। जांच के दौरान पुलिस ने अपनी चार्जशीट में इस हत्याकांड को अत्यंत गंभीर अपराध बताया था।
चार्जशीट में क्या सामने आया
जांच एजेंसी के अनुसार आईबी अधिकारी अंकित शर्मा के शरीर पर धारदार हथियार से किए गए 16 घाव मिले थे। पुलिस ने आरोप लगाया था कि हत्या के बाद शव के साथ भी बर्बरता की गई। इन्हीं तथ्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कठोरतम सजा की मांग की थी।
छह आरोपियों को मिला था बरी होने का लाभ
इस मामले में कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था। सुनवाई के दौरान पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर अदालत ने छह आरोपियों को बरी कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप संदेह से परे साबित नहीं हो सके।
2020 के दिल्ली दंगों से जुड़ा है मामला
आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की 25 फरवरी 2020 को दिल्ली दंगों के दौरान हत्या कर दी गई थी। वह घर से बाहर निकलने के बाद लापता हो गए थे और बाद में उनका शव बरामद हुआ था। इस मामले में 24 मार्च 2023 को अदालत ने ताहिर हुसैन सहित 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे।











