छत्तीसगढ़:  मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग के अनुसार आज प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हैं। इसके चलते कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक बारिश दर्ज की जा सकती है। विभाग ने गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी जारी करते हुए लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।

बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम से बढ़ी बारिश

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण छत्तीसगढ़ में समुद्री नमी लगातार पहुंच रही है। इसी वजह से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में घने बादल छाए हुए हैं और बारिश की गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह मौसम प्रणाली अगले दो से तीन दिनों तक सक्रिय रहेगी, जिससे कई इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।

26 से 28 जुलाई तक जारी रहेगा बारिश का सिलसिला

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 26, 27 और 28 जुलाई तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। विशेष रूप से 26 और 27 जुलाई को कुछ जिलों में मूसलाधार बारिश हो सकती है। वहीं 28 जुलाई को भी कई क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज बारिश के आसार बने हुए हैं। लगातार वर्षा के कारण दिन और रात के तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी।

बारिश हुई, लेकिन मानसून अब भी सामान्य से पीछे

पिछले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इसके बावजूद इस मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में सामान्य से लगभग 19 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

तापमान की बात करें तो रायपुर और दुर्ग में अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पेंड्रारोड सबसे ठंडा क्षेत्र रहा, जहां न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

बिजली गिरने के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। बिजली चमकने या बादल गरजने के समय खुले मैदान, नदी-तालाब या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। सुरक्षित पक्के भवन के भीतर रहें और आवश्यकता न होने पर बिजली से चलने वाले उपकरणों का उपयोग बंद रखें।

किसानों को भी सलाह दी गई है कि कटी हुई फसल और अनाज को सुरक्षित स्थान पर ढककर रखें, ताकि लगातार बारिश से नुकसान न हो। साथ ही मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की भी सलाह दी गई है।

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