

बिहार : राजधानी पटना में आयोजित बिहार बंद के दौरान राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया, जब प्रदर्शन हिंसक हो गया। वामपंथी छात्र संगठनों के आह्वान पर हुए प्रदर्शन में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार कर पटना के बेऊर जेल भेज दिया गया।
किस मुद्दे पर बुलाया गया था बिहार बंद
यह बंद केंद्रीय शिक्षा मंत्री रहे धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और छात्र आंदोलनों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में आयोजित किया गया था। प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर तनाव की स्थिति बन गई और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
पुलिस का आरोप, छात्रों को उकसाया
पटना पुलिस का दावा है कि रामगुलाम चौक पर हुए प्रदर्शन के दौरान तेज प्रताप यादव ने छात्रों को उग्र प्रदर्शन के लिए उकसाया, जिसके बाद हालात बिगड़ गए। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान पटना समेत विभिन्न स्थानों से 200 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
पहले छोड़ा, फिर दोबारा हुई गिरफ्तारी
प्रदर्शन के दौरान तेज प्रताप यादव को पहले हिरासत में लिया गया था, लेकिन कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए उन्हें कुछ समय बाद छोड़ दिया गया। बाद में जब वह शाम को सिटी सेंटर मॉल पहुंचे, तब पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में उन्हें दोबारा गिरफ्तार कर लिया।
इसके बाद देर रात उन्हें न्यायिक अधिकारी के समक्ष पेश किया गया और अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बेऊर जेल भेज दिया गया।
13 जिलों में उपद्रव का दावा
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं का असर पटना सहित 13 जिलों तक देखने को मिला। पुलिस का आरोप है कि छात्रों को उकसाने के कारण कई स्थानों पर उपद्रव की स्थिति बनी।
बताया जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान तेज प्रताप यादव ने धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफे की मांग की थी। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके से बिहार आने की अपील भी की थी।
मामले पर आगे की नजर
फिलहाल तेज प्रताप यादव न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेजे जा चुके हैं। अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और पुलिस जांच पर सभी की नजर बनी हुई है।











