

Sikkim Tunnel Accident: सिक्किम के नामची जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। समरडुंग, झोलुंगे क्षेत्र में एनएचपीसी के तीस्ता स्टेज VI हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की निर्माणाधीन सुरंग में अचानक बड़ा हादसा हो गया।जानकारी के अनुसार, सुरंग के भीतर जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद मिट्टी और चट्टानों के खिसकने से भारी मलबा जमा हो गया। मलबे के कारण सुरंग का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया, जिससे अंदर काम कर रहे कई मजदूर फंस गए।
हादसे में 7 मजदूरों की मौत, बचाव अभियान जारी
जिला प्रशासन के मुताबिक, इस दुर्घटना में अब तक 7 मजदूरों की मौत हो चुकी है। वहीं सुरंग के अंदर फंसे अन्य मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अभी तक सुरंग में फंसे मजदूरों की सही संख्या पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है। बचाव टीम मलबा हटाकर अंदर पहुंचने की कोशिश कर रही है।
मीथेन गैस बनी बचाव कार्य में सबसे बड़ी परेशानी
रेस्क्यू अभियान के दौरान सबसे बड़ी चुनौती सुरंग के अंदर मौजूद मीथेन गैस को बताया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, गैस के संपर्क में आने से कुछ बचावकर्मियों को चक्कर आने की शिकायत हुई, जबकि कुछ की तबीयत भी बिगड़ गई।आशंका जताई जा रही है कि भूस्खलन के कारण जमीन और चट्टानों की परतों में बदलाव हुआ, जिससे गैस बाहर निकलने लगी।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ समेत कई टीमें जुटीं
हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला पुलिस और फायर एंड इमरजेंसी सर्विस की टीमें तैनात हैं।इसके अलावा पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल से विशेष बचाव दल भी बुलाया गया है। यह टीम गैस से निपटने के लिए विशेष उपकरणों के साथ अभियान में शामिल हुई है।
मजदूरों को सुरक्षित निकालना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता
प्रशासन का पूरा ध्यान फिलहाल सुरंग में फंसे मजदूरों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने पर है। बचाव दल सावधानी के साथ अभियान चला रहा है, क्योंकि सुरंग के भीतर गैस और मलबे की स्थिति लगातार चुनौती बनी हुई है।











