

भारतीय महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा अब तक बेहद निराशाजनक रहा है। ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड ने भारत को 9 विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली। इस हार के साथ भारत ने 12 साल बाद इंग्लैंड के खिलाफ टी20 द्विपक्षीय सीरीज गंवाई है। साथ ही टीम के नाम कई ऐसे रिकॉर्ड दर्ज हो गए, जिन्हें वह भूलना चाहेगी।
पहली बार इंग्लैंड ने जीती द्विपक्षीय टी20 सीरीज
इंग्लैंड ने इतिहास रचते हुए पहली बार भारत को दो या उससे अधिक मैचों वाली किसी द्विपक्षीय टी20 सीरीज में मात दी है। इससे पहले दोनों टीमों के बीच खेली गई छह टी20 सीरीज में भारत ने पांच बार जीत हासिल की थी, जबकि एक सीरीज बराबरी पर समाप्त हुई थी।
2019 के बाद पहली बार भारत से जीती सीरीज
यह वर्ष 2019 के बाद पहला अवसर है, जब इंग्लैंड ने किसी भी प्रारूप की द्विपक्षीय सीरीज में भारत को हराया है। इससे पहले 2018 के इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम को वनडे और टेस्ट सीरीज में हार झेलनी पड़ी थी। अब टी20 सीरीज में भी इंग्लैंड ने भारत को पीछे छोड़ दिया है।
लगातार दूसरी टी20 सीरीज हारने की कगार पर भारत
इस सीरीज से पहले भारत का टी20 रिकॉर्ड शानदार रहा था। टीम ने पिछली 12 द्विपक्षीय टी20 सीरीज में से 11 अपने नाम की थीं, जबकि एक सीरीज ड्रॉ रही थी। अब इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद भारतीय टीम लगातार दूसरी टी20 सीरीज गंवाने की स्थिति में पहुंच गई है, जिससे टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठने लगे हैं।
श्रेयस अय्यर की पारी भी नहीं बचा सकी टीम
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 158 रन बनाए। कप्तान श्रेयस अय्यर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 80 रन की नाबाद पारी खेली, लेकिन दूसरे बल्लेबाज उनका साथ नहीं दे सके और टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही।
इंग्लैंड ने 13.5 ओवर में हासिल किया लक्ष्य
159 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने भारतीय गेंदबाजों पर शुरुआत से ही दबाव बना दिया। मेजबान टीम ने केवल एक विकेट गंवाकर 13.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया और 9 विकेट से एकतरफा जीत दर्ज की। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने सीरीज पर भी कब्जा जमा लिया।











