जशपुर:  जशपुर जिले के बागबहार थाना क्षेत्र में गौवंश वध के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त हथियार, दो मोटरसाइकिल और एक टॉर्च बरामद कर जब्त की गई है। मामले में दो अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है, जिनकी तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार, 30 जून 2026 को रायगढ़ जिले के ग्राम बरखोरिया निवासी खेमानिधि यादव ने बागबहार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि चार व्यक्ति दो मोटरसाइकिलों और पैदल एक गौवंश को लेकर ग्राम बरखोरिया से मुडाबहला की ओर जा रहे थे। पूछताछ करने पर आरोपियों ने गौवंश खरीदकर ले जाने की बात कही, लेकिन उनके व्यवहार पर संदेह होने पर ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की।तलाशी के दौरान ग्राम हल्दीझरिया के समीप खेत के एक गड्ढे में गौवंश का वध किया हुआ धड़ मिला। घटनास्थल से गाय की खाल, सिर, चारों पैर, कान का बिल्ला, रस्सी, गोबर, रक्त के निशान और मांस काटने में प्रयुक्त लकड़ी का गुटका बरामद किया गया।शिकायत के आधार पर थाना बागबहार में अपराध क्रमांक 61/2026 दर्ज कर छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 5, 6 और 10 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। पुलिस ने पशु चिकित्सा अधिकारी के साथ घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए।विवेचना के दौरान मुख्य आरोपी अयजक एक्का (35 वर्ष) को ग्राम बिरीमडेगा से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने अपने साथियों सुशील कुजूर (28 वर्ष), प्रमोद एक्का (30 वर्ष), अगस्तुस तिर्की (34 वर्ष) तथा दो अन्य साथियों के साथ मिलकर गौवंश वध करने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने तीनों अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार, दो मोटरसाइकिल और टॉर्च जब्त किए हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने और आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने के बाद सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

जशपुर के डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है। उनकी तलाश के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी बागबहार निरीक्षक अशोक कुमार पांडे, पीएसआई मोहन मरकाम, प्रधान आरक्षक वीरेंद्र सोनमानी, लव चौहान तथा आरक्षक अनिल चौहान और पवन पैंकरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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