

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और क्रिप्टोकरेंसी के क्षेत्र में अपनी सरकार की रणनीति का बचाव करते हुए दावा किया है कि अमेरिका इस समय चीन समेत पूरी दुनिया से आगे है। उन्होंने कहा कि क्रिप्टो सेक्टर में नेतृत्व करना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। साथ ही, अपने परिवार के क्रिप्टो कारोबार को लेकर उठ रहे हितों के टकराव के आरोपों को भी उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया।
एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि यदि अमेरिका ने क्रिप्टोकरेंसी के क्षेत्र में नेतृत्व नहीं किया तो चीन इस तकनीक पर कब्जा कर सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता है कि अमेरिका हर महत्वपूर्ण क्षेत्र में नंबर-1 बना रहे। ट्रंप के अनुसार, AI और क्रिप्टो दोनों क्षेत्रों में अमेरिका वर्तमान में सबसे आगे है और चीन सहित अन्य देश काफी पीछे हैं।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि हाल ही में Xi Jinping के साथ हुई मुलाकात में चीनी राष्ट्रपति ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में आए बदलाव की सराहना की। उनके अनुसार, शी जिनपिंग ने कहा कि अमेरिका अब दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है।
इधर, 30 जून को सार्वजनिक किए गए वित्तीय खुलासे में सामने आया कि वर्ष 2025 के दौरान ट्रंप ने क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े कारोबार से करीब 1.2 अरब अमेरिकी डॉलर की आय अर्जित की। दस्तावेज के अनुसार, सितंबर 2024 में ट्रंप परिवार के समर्थन से शुरू किए गए वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल (WLF) के टोकन की पहली बिक्री से उन्हें लगभग 55 करोड़ अमेरिकी डॉलर की कमाई हुई।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि ट्रंप और उनके तीन बेटों ने DT Marks DeFi के माध्यम से 22.5 अरब WLFI टोकन खरीदे, जिनकी मौजूदा अनुमानित कीमत करीब 1.3 अरब अमेरिकी डॉलर आंकी गई है।जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या उन्हें सार्वजनिक खुलासे से पहले अपने परिवार के क्रिप्टो कारोबार की जानकारी थी, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी हो सकती थी, लेकिन इसमें कुछ भी गैरकानूनी या गलत नहीं है।अपने परिवार का बचाव करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनके बच्चे राजनीति में आने से पहले ही कारोबारी गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति बनने के बाद भी उन्होंने अपने बच्चों को निजी कारोबार और सार्वजनिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाए रखने की सलाह दी है।अपने कारोबारी अनुभव का हवाला देते हुए ट्रंप ने कहा कि इसी अनुभव के कारण अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका आज चीन समेत सभी प्रमुख देशों से आगे निकल रहा है और दुनिया के कई देश अमेरिका की सफलता से ईर्ष्या करते हैं।











