पटना। बिहार की राजनीति में एक बयान को लेकर नया विवाद खडा हो गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एक कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध पर्वत पुरुष दशरथ मांझी को श्रद्धांजलि दे रहे थे। इसी दौरान उनकी जुबान फिसल गई और उन्होंने दशरथ मांझी की जगह केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी को श्रद्धांजलि दे दी।

तेजस्वी यादव के इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा नेताओं ने उन्हें घेरना शुरू कर दिया। मामला तब और गरमा गया, जब केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने खुद सोशल मीडिया के जरिए तेजस्वी यादव पर तीखा पलटवार किया।

जीतनराम मांझी ने सोशल मीडिया पर साधा निशाना, शराब को लेकर किया तंज

जीतनराम मांझी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर तेजस्वी यादव के बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लगता है तेजस्वी यादव का रात का नशा अभी उतरा नहीं था, इसलिए उन्होंने जीते जी उन्हें श्रद्धांजलि दे दी।

उन्होंने आगे कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि हालात नहीं सुधरे तो आने वाले समय में तेजस्वी यादव अपने पिता लालू प्रसाद यादव और मां राबडी देवी को भी जीते जी श्रद्धांजलि दे सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ने अपने पोस्ट में नशे को लेकर भी टिप्पणी की।

गया में जीतनराम मांझी बोले - अभी लंबी पारी बाकी है

विवाद के बाद जीतनराम मांझी ने गया में मीडिया से बातचीत करते हुए भी तेजस्वी यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह इतनी जल्दी दुनिया से जाने वाले नहीं हैं और अभी बिहार के लिए जनहित से जुडे काम करते रहेंगे।

उन्होंने तेजस्वी यादव के बयान को असामान्य बताते हुए उनकी मानसिक स्थिति और सोच पर सवाल उठाए। मांझी ने कहा कि सामान्य स्थिति में कोई व्यक्ति इस तरह की बात नहीं करता।

भाजपा ने भी वीडियो साझा कर तेजस्वी यादव को घेरा

मामले में बिहार भाजपा भी पीछे नहीं रही। पार्टी ने तेजस्वी यादव का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए उन पर व्यंग्य किया।

भाजपा की ओर से कहा गया कि तेजस्वी यादव को दशरथ मांझी को श्रद्धांजलि देनी थी, लेकिन उन्होंने गलती से केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी का नाम ले लिया। भाजपा ने इसी गलती को आधार बनाकर नेता प्रतिपक्ष पर तंज कसा।

एक छोटी सी जुबानी गलती ने बढाई राजनीतिक बयानबाजी

दशरथ मांझी को श्रद्धांजलि देने के दौरान हुई इस गलती ने बिहार की राजनीति में नया मुद्दा खडा कर दिया है। तेजस्वी यादव के बयान के बाद भाजपा और जीतनराम मांझी दोनों ने जिस तरह प्रतिक्रिया दी, उससे मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया है।

अब देखना होगा कि तेजस्वी यादव इस बयान पर कोई सफाई देते हैं या नहीं। फिलहाल, एक मंचीय चूक बिहार की सियासत में चर्चा का नया विषय बन चुकी है।

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