

झारखंड: झारखंड में रामगढ़ ज़िले के रजरप्पा थाना क्षेत्र के लारी के पास एक पैसेंजर गाड़ी और ट्रक की टक्कर में सात लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, रामगढ़ ज़िले के रजरप्पा थाना क्षेत्र के लारी में रामगढ़-बोकारो रोड पर रात करीब 12 बजे एक ट्रक और पैसेंजर वाहन की टक्कर हो गई। गाड़ी में सवार 'ताशा पार्टी' के सदस्यों को गंभीर चोटें आईं। सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे तुरंत रामगढ़ सदर अस्पताल ले जाया गया। यहां पर उसका इलाज चल रहा है।
पुलिस के अनुसार, यह हादसा रामगढ़-बोकारो रोड पर आधी रात के करीब हुआ। टक्कर में पैसेंजर गाड़ी में सवार 'ताशा पार्टी' के सदस्यों को गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने बताया कि हादसे में मारे गए कुछ लोग रजरप्पा थाना क्षेत्र के मारंगमार्चा गांव के रहने वाले थे।
कई फीट तक घिसटता चला गया वाहन
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन सड़क पर कई फीट तक घिसटता चला गया। रामगढ़ सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि दुर्घटना में घायल आठ लोगों को अस्पताल लाया गया था। इनमें सात लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि एक व्यक्ति की हालत बेहद गंभीर थी। प्राथमिक उपचार के बाद उसे रांची के उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखा गया है।
वहीं रामगढ़ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) आलोक रंजन ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ट्रक के रॉन्ग साइड में जाकर सवारी वाहन को टक्कर मारने की बात सामने आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
चार दिन में एक ही स्थान पर 10 लोगों की मौत
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बीते चार दिनों के भीतर इसी स्थान पर यह दूसरा बड़ा हादसा है और अब तक कुल 10 लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद न तो सड़क पर पर्याप्त चेतावनी संकेत लगाए गए हैं और न ही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था की गई है।
हादसे के बाद मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। गुस्साए ग्रामीणों ने रामगढ़-बोकारो मुख्य मार्ग (एनएच-23) को जाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि लारी-बरलौंग क्षेत्र दुर्घटनाओं का ब्लैक स्पॉट बन चुका है, लेकिन इसके बावजूद सड़क सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।




















