Maharashtra politics:महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में तीन तलाक और बहुविवाह के मुद्दे पर हुई चर्चा अचानक राजनीतिक विवाद में बदल गई.एनसीपी विधायक सना मलिक के बयान ने सदन का माहौल गरमा दिया. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली है.

चर्चा की शुरुआत बीजेपी विधायक देवयानी फरांदे की तरफ से मुस्‍ल‍िम महिलाओं से जुड़े मामलों और तीन तलाक कानून के प्रभाव का मुद्दा उठाने से हुई. इसके अलावा भी उन्‍होंने कई मुद्दों को लेकर अपनी बत रखी.

फरांदे की बातचीत के दौरान व‍िधायक सना मल‍िक भी कूंद पड़ी. उन्‍होंने कहा कि महिलाओं पर होने वाले अत्याचार केवल किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं हैं.उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या बहुविवाह जैसी समस्याएं सिर्फ मुस्लिम समाज में ही देखने को मिलती हैं.

सना मल‍िक ने किया पाकिस्‍तान का ज‍िक्र

बहस के दौरान पाकिस्तान का जिक्र होने पर सना मलिक ने कहा कि वहां जिन नियमों को लागू किया गया है, वे कुरान के आधार पर किए गए हैं.उन्होंने तर्क दिया कि मुस्लिम समाज कुरान को सर्वोच्च मानता है और उससे जुड़े नियमों को समझे बिना बहस नहीं की जानी चाहिए.उनके इस बयान पर सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया.

बीजेपी ने किया सना का व‍िरोध

बीजेपी विधायकों ने उनके बयान का कड़ा विरोध किया.भाजपा नेता अतुल भातखलकर ने कहा कि भारत का संचालन संविधान से होता है, किसी धार्मिक ग्रंथ से नहीं.वहीं कुछ अन्य नेताओं ने भी सना मलिक की टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए उन्हें सदन की कार्यवाही से हटाने की मांग की.

सना के बयान पर मचा बवाल

सना मलिक ने तीन तलाक के विभिन्न स्वरूपों का भी उल्लेख किया और कहा कि तत्काल तीन तलाक तथा अन्य प्रकार के तलाक में अंतर है. उन्होंने दावा किया कि कुछ प्रथाओं को लेकर समाज में गलत धारणाएं फैलाई जाती हैं.

इस पूरे घटनाक्रम के बाद विधानसभा के भीतर और बाहर राजनीतिक बहस तेज हो गई.सोशल मीडिया पर भी सना मलिक के बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं.उनके बयान ने एक बार फिर समान नागरिक संहिता, तीन तलाक और व्यक्तिगत कानूनों पर चल रही राष्ट्रीय बहस को चर्चा के केंद्र में ला दिया है.

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