

बलरामपुर: बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड शंकरगढ़ के दूरस्थ गांवों से निकले 11 युवाओं ने यह साबित कर दिया है कि सफलता संसाधनों की मोहताज नहीं होती। सीमित सुविधाओं, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और अवसरों की कमी के बावजूद इन युवाओं ने भारतीय सेना के अग्निवीर भर्ती अभियान में सफलता हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है। इनमें से एक युवा अरविंद यादव का चयन भारतीय सेना की प्रतिष्ठित स्पेशल फोर्स ‘पैरा कमांडो’ के लिए हुआ है, जो जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है।
हाल ही में चयनित सभी युवा अपने प्रशिक्षकों के साथ कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी से मिलने पहुंचे। कलेक्टर ने सभी युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरगुजा संभाग, जिला और शंकरगढ़ क्षेत्र के युवाओं में अपार संभावनाएं हैं। सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिलने पर वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन युवाओं की उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत है।
कलेक्टर ने चयनित युवाओं से अपने गांवों और पंचायतों के अन्य युवाओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जब दूरस्थ क्षेत्रों के युवा सफलता प्राप्त करते हैं तो उनका प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है और नई पीढ़ी को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
उल्लेखनीय है कि युवाओं की यह सफलता केवल भर्ती परीक्षा पास करने की नहीं, बल्कि उन युवाओं के संघर्ष, अनुशासन और अटूट संकल्प की कहानी है, जिन्होंने गांव की पगडंडियों, मैदानों और जंगलों के बीच अपने सपनों को आकार दिया। सुबह की दौड़, घंटों का अभ्यास और देश सेवा का जज्बा ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी रही।
युवाओं की इस उपलब्धि के पीछे अतिथि शिक्षक श्री सुदर्शन यादव और एक सेवानिवृत्त सैनिक का महत्वपूर्ण योगदान भी रहा। जिन्होंने युवाओं को सेना भर्ती की जानकारी देने, शारीरिक एवं लिखित परीक्षा की तैयारी कराने के साथ ही उनका मनोबल बढ़ाया और युवाओं की निरंतर मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।
दूरस्थ अंचल से देश सेवा की राह
शंकरगढ़ का बड़ा हिस्सा वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में फैला हुआ है। यहां के अधिकांश युवाओं के पास न तो बड़े प्रशिक्षण केंद्रों की सुविधा है और न ही आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता। इसके बावजूद इन युवाओं ने कठिन परिस्थितियों में नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने सेना में स्थान हासिल किया।प्रशिक्षक सुदर्शन यादव बताते हैं कि क्षेत्र के युवाओं में खेल प्रतिभा और शारीरिक क्षमता भरपूर है। आवश्यकता केवल उन्हें सही दिशा देने की है। उन्होंने युवाओं को सेना भर्ती के लिए प्रेरित किया और तैयारी के हर चरण में उनका मार्गदर्शन किया। सेवानिवृत्त सैनिक ने भी युवाओं को सैन्य अनुशासन और भर्ती प्रक्रिया की बारीकियों से परिचित कराया।
भारतीय सेना की स्पेशल फोर्स पैरा कमांडो में चयनित हुए अरविंद
ग्राम जोकापाठ निवासी अरविंद यादव की सफलता इस उपलब्धि को और विशेष बनाती है। उनका चयन भारतीय सेना की स्पेशल फोर्स ‘पैरा कमांडो’ के लिए हुआ है। जिले से इस प्रतिष्ठित इकाई में चयनित होने वाले वे पहले युवा बने हैं।
अरविंद बताते हैं कि सेना में भर्ती होकर देश सेवा करना उनका बचपन का सपना था। आठवीं कक्षा से ही उन्होंने दौड़ और शारीरिक तैयारी शुरू कर दी थी। लगातार अभ्यास, परिवार के सहयोग और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, प्रशिक्षकों और प्रशासन से मिले प्रोत्साहन को दिया।
चयनित युवा पूरे जिले के लिए बने प्रेरणा
शंकरगढ़ के इन 11 युवाओं की सफलता बताती है कि प्रतिभा किसी सुविधा या संसाधन की मोहताज नहीं होती। संकल्प और सही मार्गदर्शन से कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सफलता हासिल की जा सकती है जो पूरे जिले को गौरवान्वित करें और यह उपलब्धि केवल 11 युवाओं की नहीं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बनीं है।





















