झाबुआ। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के पेटलावद थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के पास मिले एक युवक के शव की गुत्थी पुलिस ने महज 10 दिनों में सुलझा ली है। जांच में सामने आया कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी। पुलिस के मुताबिक, मृतक की पत्नी ने अपने प्रेमी और एक अन्य सहयोगी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी। मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

11 जून को मिला था अज्ञात शव

पुलिस के अनुसार, 11 जून 2026 को बामनिया के बिजनीपाड़ा कच्चे मार्ग और रेलवे ट्रैक के समीप एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की पड़ताल शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और सोशल मीडिया की मदद से अगले दिन शव की पहचान ग्राम सेमलिया निवासी 36 वर्षीय बहादूर भूरिया के रूप में हुई। घटनास्थल से मिले सुरागों ने शुरुआत से ही हत्या की आशंका को मजबूत किया।

प्रेम संबंध बने हत्या की वजह

जांच में पुलिस को पता चला कि मृतक की पत्नी समिता उर्फ सुमित्रा के गलिया निनामा नामक व्यक्ति से प्रेम संबंध थे। इस वजह से पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। करीब चार महीने पहले समिता अपने मायके चली गई थी और वहीं से वह लगातार अपने प्रेमी के संपर्क में थी। पुलिस का कहना है कि दोनों ने मिलकर बहादूर को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

पहले जहर, फिर गला घोंटकर हत्या

पुलिस जांच के मुताबिक, योजना के तहत समिता ने अपने परिचित कमरू वसुनिया के माध्यम से जहरीली गोलियां मंगवाईं। 9 जून को गलिया निनामा ने बहादूर को फोन कर बामनिया बुलाया। वहां सुनसान स्थान पर उसे शराब में जहर मिलाकर पिलाया गया। इसके बाद आरोपियों ने उसी के गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया।

साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले का खुलासा किया। इस मामले में गलिया निनामा, मृतक की पत्नी समिता उर्फ सुमित्रा और कमरू वसुनिया को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया है। वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई है।

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