

इंदौर: समाज के हर बच्चे को समान अवसर और सम्मान दिलाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य करने वाली इंदौर की आर्किटेक्ट, सामाजिक उद्यमी एवं सेंसरी ऑल की संस्थापक शिवानी शाह को आईएफआईपी (इंटरनेशनल फोरम ऑफ इन्क्लूजन प्रैक्टिशनर्स) नेशनल इन्क्लूजन अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित वर्ल्ड इन्क्लूजन कॉन्फ्रेंस इंडिया 2026 के दौरान प्रदान किया गया। यह पुरस्कार ऑटिज़्म, एडीएचडी, इंटेलेक्चुअल डिसेबिलिटी और अन्य न्यूरोडेवलपमेंटल चुनौतियों से जूझ रहे बच्चों एवं लोगों के लिए समावेशी और उनकी जरूरतों के अनुरूप वातावरण तैयार करने की दिशा में किए गए नवाचारपूर्ण कार्यों के लिए दिया गया।
वर्ल्ड इन्क्लूजन कॉन्फ्रेंस का आयोजन इंटरनेशनल फोरम ऑफ इन्क्लूजन प्रैक्टिशनर्स (आईएफआईपी) ने अफेयर्स एग्ज़ीबिशन्स एंड मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से किया। सम्मेलन में भारत सहित कई देशों के शिक्षा विशेषज्ञ, दिव्यांगजन अधिकार कार्यकर्ता, नीति निर्माता और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस अवसर पर भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़, केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव, सांसद डॉ. हर्षवर्धन श्रृंगला तथा आईएएस अधिकारी इरा सिंघल समेत कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हस्तियां मौजूद रहीं।
शिवानी शाह की संस्था सेंसरी ऑल पिछले कई वर्षों से ऐसे स्थान और सुविधाएं विकसित कर रही है, जहां विशेष जरूरतों वाले बच्चे और व्यक्ति बिना किसी असहजता के सहज रूप से भागीदारी कर सकें। संस्था ने गोवा में आयोजित पर्पल फेस्ट के दौरान सेंसरी-फ्रेंडली वातावरण तैयार किया, जिससे हर व्यक्ति कार्यक्रम का हिस्सा बन सका। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र कार्यालय, वियना में विशेष जरूरत वाले लोगों के लिए एक शांत कक्ष (कैल्म स्पेस) विकसित किया गया, जहां वे जरूरत पड़ने पर आराम और मानसिक संतुलन प्राप्त कर सकें।
सेंसरी ऑल ने टाटा पावर और अनुपम खेर स्टूडियोज के सहयोग से फिल्म तन्वी द ग्रेट' की ऑटिज़्म-अनुकूल स्क्रीनिंग भी आयोजित की। संस्था माइक्रोसॉफ्ट, टाटा पावर, एडोबी, टीसीएस, सोसाइटी जेनेरेल, डब्ल्यूएनएस और किंड्रिल जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ मिलकर समावेशी कार्यस्थल और सार्वजनिक स्थान विकसित करने की दिशा में भी काम कर रही है।
वर्तमान में शिवानी शाह 'कोको' नामक एक अभिनव सहायक उपकरण विकसित कर रही हैं। यह उपकरण संगीत और विशेष रोशनी के माध्यम से ऑटिज़्म से जुड़े बच्चों को शांत होने, भावनाओं को नियंत्रित करने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करेगा। इसका उद्देश्य बच्चों को स्कूल और दैनिक जीवन की गतिविधियों में अधिक सहज और आत्मनिर्भर बनाना है।
राष्ट्रीय सम्मान मिलने पर शिवानी शाह ने कहा कि यह पुरस्कार उन सभी बच्चों, उनके परिवारों, शिक्षकों और सहयोगियों को समर्पित है, जो यह मानते हैं कि हर बच्चे को सीखने, खेलने और आगे बढ़ने का समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी संस्था का लक्ष्य ऐसा समावेशी समाज बनाना है, जहां कोई भी बच्चा खुद को अलग या पीछे महसूस न करे और सम्मान के साथ अपनी पूरी क्षमता का विकास कर सके। यह राष्ट्रीय सम्मान सेंसरी ऑल के समावेशी भारत के सपने को नई पहचान और नई ऊर्जा देने वाला साबित होगा।











