सीहोर। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की फंडिंग व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से संघ को मिलने वाले धन और उसके उपयोग की जांच कराने की अपील की। साथ ही राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर भी गंभीर आरोप लगाए।

आरएसएस के रजिस्ट्रेशन और फंडिंग पर सवाल

सीहोर में मीडिया से बातचीत के दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा कि देश में किसी भी संस्था, समिति या संगठन के संचालन के लिए पंजीकरण और बैंक खाते की व्यवस्था आवश्यक होती है। उन्होंने दावा किया कि आरएसएस की कार्यप्रणाली और उसकी वित्तीय व्यवस्था को लेकर कई सवाल हैं, इसलिए इस पूरे मामले की स्वतंत्र और उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।

चंपत राय पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर निशाना साधते हुए दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि अयोध्या में भ्रष्टाचार की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि चंपत राय पूरे प्रबंधन के प्रमुख हैं और उन पर लगाए जा रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने देश और प्रदेश की मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए इसे चिंताजनक बताया।

वित्त मंत्री से की जांच की मांग

कांग्रेस नेता ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री को आरएसएस को मिलने वाले चंदे और उसके उपयोग की जांच करानी चाहिए। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता मोहनीश जबलपुरे के एक पत्र का हवाला देते हुए कहा कि उसमें आरएसएस द्वारा बड़ी संख्या में राहत सामग्री और भोजन वितरण के दावों का उल्लेख है। उनके अनुसार, इन गतिविधियों में उपयोग किए गए वित्तीय संसाधनों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जांच आवश्यक है।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

दिग्विजय सिंह के इन बयानों के बाद राजनीतिक माहौल गर्माने की संभावना है। फिलहाल इन आरोपों पर आरएसएस या राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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