

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा और अहम प्रस्ताव सामने आया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के उद्देश्य से जुलाई 2026 से दिल्ली क्षेत्र में केवल BS-VI मानकों वाले वाहनों को प्रवेश देने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इस प्रस्ताव पर मंगलवार को हुई एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक में चर्चा की गई।
42वीं बैठक में प्रदूषण और भविष्य की चुनौतियों पर हुआ मंथन
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में आयोजित नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) की 42वीं बैठक में सदस्य राज्यों के प्रतिनिधियों ने ‘रीजनल प्लान-2041’ के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और बढ़ते प्रदूषण से निपटने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की।
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में पुराने वाहनों के प्रवेश को सीमित करने का प्रस्ताव परिवहन क्षेत्र से होने वाले प्रदूषण को कम करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। एनसीआर लंबे समय से देश के सबसे अधिक प्रदूषित शहरी क्षेत्रों में गिना जाता रहा है।
पुरानी गाड़ियों को हटाने के लिए 'परिवर्तन' योजना पर जोर
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने ‘परिवर्तन’ योजना का भी उल्लेख किया। इस योजना का उद्देश्य पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों से हटाकर प्रदूषण में कमी लाना है। योजना के तहत BS-I, BS-II और BS-III श्रेणी के वाहनों को स्वेच्छा से बदलने या स्क्रैप करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
इस पहल को एनसीआर के विभिन्न राज्यों के सहयोग से लागू करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिससे स्वच्छ और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिल सके।
15 करोड़ आबादी की तैयारी के बीच बढ़ी चिंता
रीजनल प्लान-2041 के अनुसार आने वाले वर्षों में एनसीआर की आबादी लगभग 15 करोड़ तक पहुंच सकती है। ऐसे में परिवहन नेटवर्क, सड़क ढांचे और पर्यावरणीय संसाधनों पर दबाव काफी बढ़ने की संभावना है। इसी को देखते हुए अभी से दीर्घकालिक रणनीतियां तैयार की जा रही हैं ताकि भविष्य की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट और RRTS नेटवर्क के विस्तार पर भी फोकस
बैठक में केवल वाहनों के उत्सर्जन तक ही चर्चा सीमित नहीं रही। सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने, रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर के विस्तार और नए शहरी विकास केंद्र विकसित करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार किया गया।
इन योजनाओं का उद्देश्य दिल्ली पर बढ़ती निर्भरता को कम करना, आवागमन को आसान बनाना और लोगों के यात्रा समय में कमी लाना है।
स्वच्छ हवा के लिए परिवहन सुधार बनेंगे सबसे बड़ा हथियार
अधिकारियों का मानना है कि एनसीआर में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए परिवहन क्षेत्र में बड़े बदलाव आवश्यक हैं। इसी कारण वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने वाली नीतियों को भविष्य की शहरी योजना का प्रमुख हिस्सा बनाया जा रहा है।
हालांकि BS-VI वाहनों को अनिवार्य बनाने को लेकर अभी कोई औपचारिक समय-सीमा घोषित नहीं की गई है, लेकिन बैठक में हुई चर्चा से साफ संकेत मिले हैं कि आने वाले समय में एनसीआर में वाहनों के लिए अधिक सख्त पर्यावरणीय नियम लागू किए जा सकते हैं। इससे क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।





















