

मध्य प्रदेश : मुरैना में आधार सेवाओं को लेकर उठी शिकायतों के बाद प्रशासनिक जांच ने तेज रफ्तार पकड़ ली है। अवैध वसूली और नियमों के उल्लंघन के आरोपों के बीच जांच टीम की कार्रवाई ने पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिकायतों के बाद मैदान में उतरी जांच टीम किन केंद्रों पर हुई सबसे बड़ी कार्रवाई
आधार केंद्रों पर निर्धारित शुल्क से अधिक पैसे वसूलने की शिकायतों के बाद जांच टीम ने कई केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान एक लोक सेवा केंद्र की आधार मशीन को जब्त कर लिया गया। जांच टीम का कहना है कि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
WCD मशीन पर कार्रवाई क्यों नहीं उठे सबसे बड़े सवाल
सबसे ज्यादा विवाद पुराने अस्पताल परिसर में महिला एवं बाल विकास विभाग के नाम से संचालित आधार मशीन को लेकर है। आरोप है कि यह मशीन स्वीकृत स्थान से अलग जगह पर चल रही थी।स्थानीय लोगों का कहना है कि जब अन्य केंद्रों पर कार्रवाई और जब्ती की गई तो इस मशीन को क्यों छोड़ दिया गया। यही सवाल अब जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर बहस का कारण बन गया है।
लोकेशन और वैधता पर उठी उंगलियां क्या दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं
लोगों की मांग है कि केवल मशीन नहीं बल्कि उसके संचालन की पूरी वैधता, दस्तावेज और लोकेशन की भी समान रूप से जांच होनी चाहिए। सवाल यह भी उठ रहा है कि निगरानी व्यवस्था के तहत चल रही इस मशीन पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
अधिकारियों का क्या कहना है जांच जारी और कार्रवाई के संकेत तेज
जांच टीम में शामिल डीजीएम मनीष शर्मा ने बताया कि सभी शिकायतों की जांच की जा रही है। जहां भी अनियमितता पाई जाएगी वहां जिम्मेदार संचालकों पर कार्रवाई तय है।वहीं सबलगढ़ तहसीलदार सीताराम वर्मा ने भी स्पष्ट किया है कि आधार केंद्रों का औचक निरीक्षण जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
अब सबकी नजर किस पर टिकी है आगे क्या बड़ा खुलासा हो सकता है
फिलहाल पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल जांच की निष्पक्षता और समान कार्रवाई को लेकर है। नगरवासी अब जांच रिपोर्ट और प्रशासन के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं। लोगों को उम्मीद है कि नियम तोड़ने वालों पर बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई होगी और पूरा सिस्टम पारदर्शी बनेगा।




















