जगदलपुर: बस्तर ब्लॉक के ग्राम पंचायत पिपलावंड के आश्रित ग्राम जामगुड़ा के किसानों ने अपनी कृषि भूमि पर वन विभाग द्वारा प्रस्तावित तालाब निर्माण कार्य का विरोध करते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। इस संबंध में युवा कांग्रेस के पूर्व जिला उपाध्यक्ष एवं आदिवासी नेता हेमंत कश्यप के नेतृत्व में किसानों ने कलेक्टर बस्तर और वनमंडल अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम जामगुड़ा के लगभग 73 किसान परिवार वर्ष 1971 से करीब 350 एकड़ भूमि पर कृषि कार्य करते आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि उक्त भूमि पर उनका परंपरागत एवं वैधानिक अधिकार है, लेकिन वन विभाग द्वारा इसी क्षेत्र में तालाब निर्माण की योजना बनाई जा रही है, जिससे उनकी कृषि भूमि और आजीविका प्रभावित हो सकती है।

हेमंत कश्यप ने कहा कि आदिवासी एवं किसान परिवार वर्षों से इस भूमि पर निर्भर हैं और कृषि ही उनकी आय का प्रमुख स्रोत है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त जानकारी, सर्वेक्षण और किसानों की सहमति के निर्माण कार्य शुरू किया गया तो दर्जनों परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो सकता है।

ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने मांग की है कि प्रस्तावित तालाब निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए, मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा प्रभावित किसानों के भूमि अधिकारों और हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। किसानों ने प्रशासन से न्यायसंगत समाधान निकालने की भी अपील की है।

इस दौरान वनमंडल अधिकारी के प्रतिनिधि एवं एसडीओ शिवेंद्र ने किसानों को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।ज्ञापन सौंपने के दौरान हेमंत कश्यप, सुदार कश्यप, रामदास बघेल, सुखदेव कश्यप, तोरका, रामलाल मंडावी, विजय भारती, ज्ञानचंद, देवनाथ सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण उपस्थित रहे।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!