

बिहार : राजनीति में गुरुवार को उस समय नया सियासी माहौल बन गया, जब पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू नेता Nitish Kumar बिना किसी पूर्व सूचना के सीधे डिप्टी सीएम के सरकारी आवास पहुंच गए। इस अचानक हुई मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलों को जन्म दे दिया है।सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक पूरी तरह अनौपचारिक जरूर थी, लेकिन इसके भीतर प्रशासनिक कामकाज और आने वाले राजनीतिक फैसलों पर गंभीर चर्चा हुई।
डिप्टी सीएम के साथ लंबी बातचीत, कामकाज की समीक्षा पर फोकस
नीतीश कुमार ने उपमुख्यमंत्री के साथ राज्य सरकार की चल रही योजनाओं और विभागीय कामों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। बताया जा रहा है कि उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर तेजी लाने और योजनाओं की मॉनिटरिंग को मजबूत करने पर जोर दिया।
डिप्टी सीएम Vijay Kumar Chaudhary से उन्होंने कई विभागों की रिपोर्ट भी मांगी और कामकाज की स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी ली।
‘शाम को पूरी रिपोर्ट लेकर आइए’ – नीतीश का सख्त रुख चर्चा में
सूत्रों के अनुसार, बातचीत के दौरान नीतीश कुमार ने कामकाज की प्रगति पर असंतोष और सख्ती दोनों का संकेत दिया। उन्होंने डिप्टी सीएम से कहा कि शाम तक पूरी रिपोर्ट तैयार कर विस्तृत जानकारी के साथ पेश की जाए।इस निर्देश को राजनीतिक हलकों में इस बात के संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि सरकार अब कामकाज को लेकर ज्यादा सक्रिय और निगरानी आधारित व्यवस्था की ओर बढ़ रही है।
सियासी हलचल के बीच दिल्ली रवाना हुए सम्राट चौधरी
इसी बीच बिहार के उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary के दिल्ली दौरे ने भी सियासी तापमान बढ़ा दिया है। वे केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर सकते हैं, ऐसी चर्चा तेज है।उनके इस दौरे को कैबिनेट विस्तार, संगठनात्मक रणनीति और राज्य के राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।
बिहार में बढ़ती बैठकों से तेज हुई राजनीतिक अटकलें
एक तरफ नीतीश कुमार की अचानक सक्रियता और दूसरी तरफ दिल्ली में चल रही बैठकों ने बिहार की राजनीति को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में कैबिनेट विस्तार और प्रशासनिक फैसलों को लेकर स्थिति और साफ होने की उम्मीद है।




















