

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार का दिन निवेशकों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच बाजार में लगातार दूसरे दिन तेज गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही बड़े स्तर पर टूट गए, जिससे निवेशकों की संपत्ति कुछ ही घंटों में लाखों करोड़ रुपये घट गई।
बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स और निफ्टी ने तोड़े निवेशकों के भरोसे के सपने
आज के कारोबारी सत्र में मुंबई स्थित शेयर बाजार में सेंसेक्स करीब 1500 अंक से अधिक गिर गया, जबकि निफ्टी 50 में लगभग 450 अंकों की बड़ी गिरावट देखने को मिली। आईटी, रियल एस्टेट और ज्वेलरी सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली रही, जिसने पूरे बाजार पर दबाव बढ़ा दिया।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी गिरावट देखने को मिली, जिससे छोटे और मध्यम निवेशकों को भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। दिनभर बाजार लाल निशान में ही बना रहा और बिकवाली का दबाव लगातार बढ़ता गया।
एक दिन में 11 लाख करोड़ का झटका: निवेशकों की दौलत हवा में उड़ गई
इस भारी गिरावट का सबसे बड़ा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। अनुमान के अनुसार, एक ही दिन में करीब 11 लाख करोड़ रुपये की मार्केट वैल्यू खत्म हो गई। यह गिरावट इतनी तेज थी कि निवेशकों में घबराहट और अनिश्चितता का माहौल बन गया।
सिर्फ आईटी सेक्टर ही नहीं, बल्कि कई अन्य प्रमुख सेक्टर भी इस गिरावट की चपेट में आ गए, जिससे बाजार का भरोसा पूरी तरह डगमगा गया।
कच्चा तेल बना सबसे बड़ा खतरा: कीमतों में उछाल ने बढ़ाई चिंता
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल मानी जा रही है। आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 2.5 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर करीब 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं।
तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए महंगाई का संकेत देती हैं, जिससे शेयर बाजार में नकारात्मक माहौल बन गया। निवेशकों ने बढ़ती महंगाई की आशंका के चलते भारी बिकवाली शुरू कर दी।
ईरान-अमेरिका तनाव और भू-राजनीतिक डर ने बढ़ाया दबाव
वैश्विक स्तर पर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव ने भी बाजार की धारणा को कमजोर किया। युद्धविराम को लेकर अनिश्चितता और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को लेकर चिंताओं ने निवेशकों को सतर्क कर दिया।
पूर्व बयानों और हालातों ने यह संकेत दिया कि भू-राजनीतिक स्थिति अभी स्थिर नहीं है, जिसका सीधा असर भारतीय और वैश्विक बाजारों पर देखने को मिला।
आईटी और टेक सेक्टर पर सबसे ज्यादा मार, AI को लेकर भी बढ़ी चिंता
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा गिरावट आईटी शेयरों में दर्ज की गई। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन के बढ़ते प्रभाव को लेकर भी बाजार में चिंता देखी गई।
वैश्विक स्तर पर एआई से जुड़े बड़े निवेश और कंपनियों के नए कदमों ने पारंपरिक आईटी सेक्टर के भविष्य को लेकर निवेशकों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है।
कमजोर होता रुपया और सेक्टोरल दबाव ने बढ़ाई मुश्किलें
शेयर बाजार की गिरावट के साथ ही भारतीय रुपया भी दबाव में रहा और निचले स्तर पर पहुंच गया। हालांकि मेटल, तेल-गैस और बैंकिंग सेक्टर में अपेक्षाकृत कम गिरावट देखने को मिली, लेकिन बाकी सभी प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।





















