

मध्य प्रदेश : रायसेन जिले में भोपाल जबलपुर नेशनल हाईवे 45 स्थित नागिन मोड़ सिरवारा ब्रिज के नीचे बोरे में मिले अज्ञात शव के मामले ने इलाके में सनसनी फैला दी थी। अब बाड़ी पुलिस ने इस रहस्यमयी हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया है। जांच में सामने आया कि यह हत्या प्रेम प्रसंग और आपसी रंजिश का नतीजा थी। पुलिस ने इस मामले में मृतक की कथित गर्लफ्रेंड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
7 दिन पुरानी लाश, बंधे हाथ पैर और मुंह पर टेप ने बढ़ाया शक
7 मई 2026 को एक फॉरेस्ट गार्ड ने पुलिस को सूचना दी थी कि पुल के नीचे एक शव पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि शव करीब 6 से 7 दिन पुराना था। हाथ पैर बंधे हुए थे और मुंह पर टेप लगा हुआ था। शव की हालत इतनी खराब थी कि पहचान करना मुश्किल हो गया था, जिससे मामला और पेचीदा बन गया।
एक थैला और बच्चे की नोटबुक बना सबसे बड़ा सुराग
घटनास्थल पर पुलिस को एक थैला मिला, जिसमें जूते, कंघा और कुछ अन्य सामान रखा था। थैले पर साईंखेड़ा की एक दुकान का नाम लिखा था। इसी दौरान एक बच्चे की होमवर्क नोटबुक भी बरामद हुई, जिसने जांच की दिशा पूरी तरह बदल दी।
इन सुरागों के आधार पर पुलिस साईंखेड़ा पहुंची और स्थानीय लोगों व स्कूल टीचरों से जानकारी जुटाई। जांच के दौरान एक परिवार संदिग्ध मिला, जो कई दिनों से घर बंद कर गायब था।
उज्जैन से पकड़े गए आरोपी, पूछताछ में खुला पूरा राज
पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय कर आरोपियों की तलाश शुरू की और आखिरकार उज्जैन में घेराबंदी कर पूरे परिवार को हिरासत में ले लिया। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्त और मनोवैज्ञानिक पूछताछ के बाद पूरी सच्चाई सामने आ गई।
फेसबुक दोस्ती से शुरू हुआ खेल, प्रेम त्रिकोण बना हत्या की वजह
पूछताछ में आरोपी महिला रीना किरार ने बताया कि उसका पति उसे छोड़ चुका था। पहले उसका संबंध अरुण पटेल से था, लेकिन बाद में फेसबुक के जरिए राजस्थान निवासी वीरू जाट से उसकी दोस्ती हो गई। वीरू का घर आना जाना बढ़ने लगा, जिससे अरुण को यह रिश्ता खटकने लगा।
घर बुलाकर रची साजिश, बेसबॉल बैट से की गई हत्या
29 अप्रैल 2026 को रीना ने वीरू को अपने घर बुलाया। जैसे ही वह वहां पहुंचा, पहले से मौजूद आरोपियों ने उस पर बेसबॉल बैट से हमला कर दिया और उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को बोरे में भरकर एक कार की डिक्की में रखा गया और नागिन मोड़ सिरवारा ब्रिज के नीचे फेंक दिया गया।
शहर दर शहर भागते रहे आरोपी, आखिर पुलिस के जाल में फंसे
वारदात के बाद आरोपी लगातार ठिकाने बदलते रहे। बाड़ी से निकलकर वे इटारसी, मुंबई, इंदौर और उज्जैन तक घूमते रहे ताकि पुलिस से बच सकें, लेकिन आखिरकार उनकी यह चाल ज्यादा दिन नहीं चली और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
एक नोटबुक ने खोला राज, खौफनाक साजिश का अंत
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि एक छोटी सी नोटबुक ने पुलिस को उस साजिश तक पहुंचा दिया, जिसे आरोपी बेहद चालाकी से छिपाने की कोशिश कर रहे थे। अब यह मामला न सिर्फ अपराध बल्कि रिश्तों में बढ़ती जटिलता की भी एक बड़ी मिसाल बनकर सामने आया है।





















