Gariaband : छुरा विकासखंड स्थित ग्राम पाटशिवनी में आयोजित जिला स्तरीय सुशासन तिहार उस समय सुर्खियों में आ गया, जब मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने ही प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर खुलकर नाराजगी जताई। जनसमस्या निवारण शिविर में राजस्व विभाग की कार्यशैली, अवैध शराब कारोबार और अधिकारियों की निष्क्रियता जैसे मुद्दों पर तीखी टिप्पणियां सुनने को मिलीं। पूरे कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने भी बिना झिझक अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं।

नामांतरण और फौती के लिए किसानों को भटकना पड़ रहा

कार्यक्रम के दौरान जनपद पंचायत अध्यक्ष मीरा ठाकुर ने कहा कि किसानों को नामांतरण और फौती जैसे सामान्य कार्यों के लिए भी लंबे समय तक तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उन्होंने राजस्व विभाग की धीमी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ग्रामीणों को समय पर राहत नहीं मिल पा रही है।

वहीं जिला पंचायत सभापति लेखराज ध्रुवा ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हीराबतर के एक किसान से काम कराने के एवज में 40 हजार रुपए की मांग की गई। इस बयान के बाद शिविर में मौजूद अधिकारी असहज नजर आए और माहौल अचानक गर्म हो गया।

विधायक रोहित साहू ने मंच से ही दिखाई सख्ती

क्षेत्रीय विधायक Rohit Sahu ने भी प्रशासनिक ढिलाई पर कड़ा रुख अपनाया। अवैध शराब बिक्री की शिकायतों को गंभीर बताते हुए उन्होंने मंच से ही पुलिस अधीक्षक को फोन लगाया और छुरा थाना प्रभारी को हटाने की मांग कर दी।

उन्होंने साफ कहा कि अधिकारियों की लापरवाही से सरकार की छवि प्रभावित हो रही है और आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ निलंबन जैसी सख्त कार्रवाई भी हो सकती है।

ग्रामीणों को सीधे माइक देकर सुनी गई समस्याएं

शिविर में एक अलग तस्वीर तब देखने को मिली जब विधायक ने ग्रामीणों को सीधे माइक देकर अपनी समस्याएं रखने का मौका दिया। इस दौरान लोगों ने राजस्व, पुलिस, सड़क, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें खुलकर सामने रखीं।

शिविर में कुल 393 आवेदन प्राप्त हुए। कार्यक्रम में मौजूद कलेक्टर Bhagwan Singh Uikey और जिला पंचायत सीईओ Prakhar Chandrakar ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया। कई मामलों में मौके पर ही समाधान के निर्देश भी दिए गए।

महिला एवं बाल विकास और कृषि विभाग की पहल भी रही चर्चा में

कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से गोदभराई कार्यक्रम आयोजित किया गया। साथ ही कृषि विभाग द्वारा किसानों के लिए कृषि रथ को भी रवाना किया गया। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि सभी शिकायतों का तय समय सीमा में समाधान किया जाएगा और राजस्व मामलों में पारदर्शिता लाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

पाटशिवनी शिविर बना जवाबदेही का बड़ा मंच

पाटशिवनी में आयोजित यह सुशासन तिहार केवल योजनाओं का कार्यक्रम बनकर नहीं रहा, बल्कि यह मंच प्रशासनिक जवाबदेही तय करने और जनप्रतिनिधियों द्वारा जनता की आवाज उठाने का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया। ग्रामीणों की खुली भागीदारी और मंच से उठे सवालों ने पूरे आयोजन को चर्चा का विषय बना दिया।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!