

बिलासपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कांकेर लोकसभा सीट से निर्वाचित सांसद भोजराज नाग को बड़ी कानूनी राहत देते हुए ईवीएम में छेड़छाड़ के आरोपों से जुड़ी चुनाव याचिका को खारिज कर दिया है। यह याचिका उनके प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार बीरेश ठाकुर द्वारा दायर की गई थी।
चुनाव परिणाम पर सवाल, ईवीएम गड़बड़ी के लगाए गए थे आरोप
याचिकाकर्ता बीरेश ठाकुर ने आरोप लगाया था कि 26 अप्रैल 2024 को हुए लोकसभा चुनाव में उपयोग की गई ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी की गई है। उनका दावा था कि बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट मशीनों में तकनीकी विसंगतियां थीं।उन्होंने कोर्ट से मशीनों की दोबारा जांच और सत्यापन कराने की मांग की थी।
फॉर्म 17C में अंतर का दावा, कई विधानसभा क्षेत्रों का जिक्र
याचिका में यह भी कहा गया कि कुछ विधानसभा क्षेत्रों जैसे गुंडरदेही, सिहावा, संजरी बालोद, डोंडी लोहारा और केशकाल में फॉर्म 17C में दर्ज मशीन नंबरों में अंतर पाया गया है।इसी आधार पर चुनाव परिणाम प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी।
हाईकोर्ट का स्पष्ट रुख, बिना सबूत नहीं होगा हस्तक्षेप
हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद स्पष्ट किया कि केवल आरोपों के आधार पर चुनाव प्रक्रिया या ईवीएम की जांच का आदेश नहीं दिया जा सकता।अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर कोई ठोस मौखिक या दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है, इसलिए याचिका स्वीकार करने योग्य नहीं है और इसे खारिज किया जाता है।
सांसद भोजराज नाग के चुनाव को मिली मजबूती
इस फैसले के बाद कांकेर लोकसभा सीट से सांसद भोजराज नाग का चुनाव फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित माना जा रहा है। अदालत के निर्णय ने उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर विराम लगा दिया है।
नए साक्ष्य मिलने पर फिर याचिका का विकल्प खुला
हालांकि कोर्ट ने याचिकाकर्ता को यह छूट दी है कि यदि भविष्य में उनके पास पर्याप्त और ठोस साक्ष्य आते हैं तो वे नई याचिका दायर कर सकते हैं।

































