अम्बिकेश गुप्ता

कुसमी। ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के अंतर्गत कुसमी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए तहसील स्तर पर प्रशासन के माध्यम से देश के सर्वोच्च पदों तक अपनी बात पहुंचाने के उद्देश्य से एसडीएम कार्यालय कुसमी पहुंचकर ज्ञापन सौंपा गया। यह आवेदन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के नाम संबोधित है, जिसमें गौ-रक्षा और गौ-सेवा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की गई है।

आवेदन पत्र में उल्लेख किया गया है कि भारतीय संस्कृति, अर्थव्यवस्था, कृषि व्यवस्था और पर्यावरण संतुलन में गाय का विशेष स्थान रहा है। सदियों से भारतीय परंपराओं का अभिन्न हिस्सा रही गौवंश की वर्तमान स्थिति चिंताजनक बताई गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि पर्याप्त संरक्षण और संवर्धन के अभाव में गौवंश असुरक्षित हो गया है, जिससे न केवल सांस्कृतिक बल्कि पर्यावरणीय और आर्थिक संतुलन भी प्रभावित हो रहा है।

अभियान से जुड़े नागरिकों और गौ-सेवकों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि इस विषय को गंभीरता से लेते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार स्तर पर प्रभावी नीतियां बनाई जाएं, ताकि देशभर में गौवंश को सुरक्षित, स्वस्थ और सम्मानजनक वातावरण मिल सके। ज्ञापन में यह भी अपील की गई है कि तहसीलदार, एसडीएम एवं जिला प्रशासन के माध्यम से इस मांग को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री तक शीघ्र पहुंचाया जाए, ताकि इस दिशा में ठोस निर्णय लिए जा सकें।

साथ ही आवेदन के माध्यम से स्थानीय प्रशासन से भी इस पुनीत अभियान में सहयोग और मार्गदर्शन देने का अनुरोध किया गया है। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि यह केवल धार्मिक या भावनात्मक मुद्दा नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। ज्ञापन सौंपने के दौरान क्षेत्र के कई सामाजिक कार्यकर्ता, गौ-सेवक और नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में गौ-रक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने की मांग दोहराई।

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