

दिल्ली: बहुचर्चित मामले में साकेत कोर्ट ने आईआरएस अधिकारी की बेटी की हत्या के आरोपी राहुल मीणा को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर गहन पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की थी, जिसे मंजूर कर लिया गया।
कोर्ट में आरोपी का बयान: पैसों के लिए किया अपराध
सुनवाई के दौरान राहुल मीणा ने कोर्ट में स्वीकार किया कि उससे गलती हो गई। उसने कहा कि उसने पैसों के लिए यह कदम उठाया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि उसने लॉकर खोलने के लिए मृतका के फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल करने की कोशिश की।
ऑनलाइन गेम की लत बनी अपराध की वजह
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी को ऑनलाइन गेमिंग की लत थी, जिसके कारण वह करीब पांच लाख रुपये के कर्ज में डूब गया था। इसी आर्थिक दबाव ने उसे अपराध की ओर धकेला।
सुनियोजित तरीके से की गई वारदात की प्लानिंग
जांच के अनुसार आरोपी पहले अलवर में एक अन्य अपराध में भी शामिल था और वहां से दिल्ली पहुंचा। वह पहले उस घर में काम कर चुका था, इसलिए उसे घर के अंदरूनी ढांचे और सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी थी।
भरोसे का फायदा उठाकर घर में घुसा आरोपी
वारदात वाले दिन जैसे ही आईआरएस अधिकारी और उनकी पत्नी घर से बाहर गए, आरोपी एक्सेस कार्ड की मदद से घर में दाखिल हुआ। उसने पहले बहाने बनाकर मृतका से संपर्क किया और फिर उस पर हमला कर दिया।
बेरहमी से की गई हत्या और लूटपाट
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने गला दबाने के बाद चार्जर की तार और लैंप से हमला किया। इसके बाद उसने ज्वेलरी और नकदी लूटने के लिए लॉकर खोलने की कोशिश की। फिंगरप्रिंट से लॉकर न खुलने पर उसने पेचकस का इस्तेमाल किया।
वारदात के बाद भागने की कोशिश, लेकिन गिरफ्तारी
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी एयरपोर्ट पहुंचा और फिर होटल में रुका। लेकिन पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर उसे ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस कर रही है गहन जांच
पुलिस अब आरोपी से मोबाइल फोन की बरामदगी और अन्य पहलुओं पर पूछताछ कर रही है। साथ ही अलवर में दर्ज अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।





















