कोरबा:  छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी के कोरबा पूर्व स्थित वीआइपी रेस्ट हाउस में बिजली कंपनी के अधिकारियों की शराबखोरी का भंडा उस वक्त फूट गया, जब यहां ठहरे विधायक धर्मलाल कौशिक से मिलने उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन पहुंच गए। उनके साथ पहुंचे कार्यकर्ता कमरा नंबर एक में घुस गए और वहां अधिकारी जाम छलका रहे थे।

शनिवार को अंबेडकर जयंती को लेकर भाजपा की संगोष्ठी का आयोजन किया गया था। इसमें शामिल होने बिल्हा के विधायक धर्मलाल कौशिक पहुंचे थे। विश्राम के लिए वीआइपी गेस्ट हाउस में रुके थे। यहां उनसे मुलाकात करने शाम को उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, महापौर संजू देवी राजपूत और जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी पहुंचे थे।

बताया जा रहा है कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह (डीएसपीएम) के चीफ केमिस्ट गोवर्धन सिदार समेत पांच अन्य अधिकारी न केवल शराब पार्टी कर रहे थे, बल्कि सिगरेट के धुएं के बीच नियम-कायदों की खुली अनदेखी की जा रही थी। कुछ कार्यकर्ताओं ने इस पूरे घटना को अपने कैमरे में कैद कर लिया।

कार्यकर्ताओं का कहना है कि किसी बीयरबार की तरह वहां के कर्मचारियों से खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए शराब सर्व कराया जा रहा था। सरकारी परिसर में इस तरह की गतिविधियां साफ तौर पर सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन माना जाता हैं। इससे यह भी सवाल उठ रहा है कि जिन अधिकारियों पर व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी है, वही नियमों को ताक पर रख रहे हैं। मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है कि रेस्ट हाउस के किचन में रखे फ्रीजर से शराब की बोतलें मिलीं।

इसकी सूचना मिलते ही मंत्री देवांगन ने तत्काल संज्ञान लिया और उत्पादन कंपनी के प्रबंध निदेशक एसके कटियार को गेस्ट हाउस से ही फोन कर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई करने को कहा। यह घटना कई स्तरों पर गंभीर है। एक ओर सरकारी रेस्ट हाउस, जो विश्राम और आधिकारिक उपयोग के लिए बनाए गए हैं, वहां इस तरह की गतिविधियां हो रही हैं। दोषी अधिकारियों के विरुद्ध जल्द कार्रवाई हो सकती है।

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