

रायगढ़/सक्ती: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर विस्फोट ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 13 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 26 से अधिक घायल अस्पतालों में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। इस बीच हादसे से बच निकले एक मजदूर ने उस भयावह पल को बयां किया है, जिसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
‘ऐसा लगा जैसे मिसाइल गिर गई हो’, मजदूर ने बताया अंदर का सच
हादसे में बचे पश्चिम बंगाल के मजदूर अजीत दास कर ने बताया कि वे पिछले एक महीने से प्लांट में पेंटिंग का काम कर रहे थे। मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे लंच के बाद जैसे ही काम शुरू किया, अचानक जोरदार धमाका हुआ। उन्होंने कहा कि आवाज इतनी तेज थी कि ऐसा लगा जैसे कोई मिसाइल आकर गिर गई हो। कुछ ही सेकंड में पूरा इलाका धुएं और आग से भर गया।
ऊंचाई पर काम कर रहे थे मजदूर, कई आग की चपेट में आए
अजीत ने बताया कि वे करीब 17 मीटर की ऊंचाई पर काम कर रहे थे। धमाके के बाद उन्होंने खुद को बचाने के लिए एक अलमारी में छिपकर जान बचाई, लेकिन उनके साथ काम कर रहे कई मजदूर नीचे गिर गए या आग की चपेट में आ गए। उन्होंने बताया कि नीचे करीब 9 मीटर की ऊंचाई पर काम कर रहे मजदूर बुरी तरह झुलस गए और कई की मौके पर ही मौत हो गई।
एक साथ 40 से ज्यादा मजदूर थे मौजूद, आंकड़े बढ़ते गए
मजदूर के मुताबिक, घटना के वक्त बॉयलर के पास 40 से 50 लोग काम कर रहे थे। शुरुआत में कम मौतों की जानकारी दी गई, लेकिन समय के साथ मृतकों की संख्या बढ़ती चली गई। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद प्रबंधन ने एंबुलेंस की व्यवस्था कर घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में इलाज के दौरान बढ़ा मौत का आंकड़ा
रायगढ़ के ओपी जिंदल फोर्टिस अस्पताल में इलाज के दौरान तीन और मजदूरों की मौत हो गई, जिससे कुल मृतकों की संख्या 13 हो गई है। कई घायलों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का ऐलान, हर पीड़ित को मिलेगा सहारा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी इस हादसे को अत्यंत दुखद बताते हुए मृतक मजदूरों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही सभी घायलों के मुफ्त इलाज के निर्देश दिए गए हैं।
जांच के आदेश, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने बिलासपुर कमिश्नर को घटना की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि हादसे में लापरवाही करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।

































