

Chinese cctv:भारतीय सैन्य कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ के बाद पाकिस्तान की गतिविधियों को लेकर एक बार फिर गंभीर आरोप सामने आए हैं। दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान अपनी निगरानी और ट्रैकिंग क्षमता को मजबूत करने के लिए नई रणनीति अपना रहा है।
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI अब सोलर पावर वाले चीनी EseeCloud CCTV कैमरों का इस्तेमाल कर रही है, ताकि संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा सके।
भारत तक पहुंची जानकारी, एजेंसियां हुई सक्रिय
इस पूरे मामले की जानकारी भारतीय सुरक्षा एजेंसियों तक भी पहुंची है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल जनवरी में बीएसएफ की ‘जी ब्रांच’ ने केंद्रीय एजेंसियों को इस संदिग्ध नेटवर्क के बारे में अलर्ट किया था।
बताया गया कि पाकिस्तान की ओर से भारत में CCTV आधारित निगरानी नेटवर्क तैयार करने की कोशिश की जा रही है। इसके बाद कई राज्यों में सुरक्षा एजेंसियों ने छापेमारी शुरू कर दी।
सिम कार्ड वाले CCTV कैमरे बरामद
जांच के दौरान पंजाब और दिल्ली में कार्रवाई करते हुए कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनसे 9 ऐसे सोलर पावर CCTV कैमरे बरामद किए गए, जिनमें सिम कार्ड लगे हुए थे।
जांच में सामने आया कि इन कैमरों को इस तरह से लगाया गया था कि वे आसपास की हर गतिविधि को रिकॉर्ड कर सकें और उसे लाइव फीड के जरिए आगे भेज सकें।
सैनिक गतिविधियों और संवेदनशील स्थानों पर नजर रखने की साजिश
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इन कैमरों को रणनीतिक स्थानों पर लगाने की योजना थी। उद्देश्य यह था कि सेना की गतिविधियां, हथियारों की आवाजाही और अन्य संवेदनशील सूचनाएं रिकॉर्ड की जा सकें।
पूछताछ में आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि वे पाकिस्तान में मौजूद नेटवर्क के संपर्क में थे और उन्हीं के निर्देश पर काम कर रहे थे। इस मॉड्यूल का लक्ष्य लगभग 50 स्थानों पर ऐसे कैमरे स्थापित करना बताया जा रहा है।
देशभर में CCTV नेटवर्क की जांच तेज
इस मामले के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां और ज्यादा सतर्क हो गई हैं। दिल्ली समेत कई हिस्सों में CCTV नेटवर्क की जांच और अपग्रेडिंग की जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क में विदेशी कनेक्शन की आशंका को देखते हुए तकनीकी सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की जासूसी गतिविधि को रोका जा सके।

































