


कोलकाता: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कोलकाता में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने जनता से कहा कि अब आने वाले चुनाव में बंगाल के लोग तय करेंगे कि उन्हें भय चुनना है या भरोसा।
टीएमसी के शासन की चार्जशीट
अमित शाह ने कहा कि पिछले 15 सालों में बंगाल में केवल भय, भ्रष्टाचार और भेदभाव की राजनीति हुई है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर आरोप लगाया कि पार्टी झूठ, डर और हिंसा के सहारे सत्ता में बनी रही। उन्होंने इसे टीएमसी की 15 साल की “चार्जशीट” बताते हुए कहा कि इसमें पार्टी के काले कारनामों का संकलन किया गया है।
तृणमूल कांग्रेस पर लगाए गए प्रमुख आरोप
- बंगाल में सिंडिकेट राज स्थापित।
- राज्य भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला बन चुका है।
- सफेदपोश अपरादी सिस्टम में शामिल हैं।
- कट मनी राज्य में आम हो गई।
- उद्योगों के लिए बंगाल ग्रेवयार्ड बन गया।
- घुसपैठियों को संरक्षण दिया जा रहा है।
- सरकार की तुष्टिकरण नीति।
- ममता बनर्जी हमेशा विक्टिम कार्ड की राजनीति करती हैं।
अमित शाह ने कहा, “ममता दीदी विक्टिम कार्ड का इस्तेमाल करके सत्ता बचाती रही हैं। कभी पैर तुड़वा लेती हैं, कभी सिर पर पट्टी बांधवाती हैं, कभी बीमार हो जाती हैं और कभी चुनाव आयोग को गालियां देती हैं।”
भाजपा के बढ़ते प्रभाव का आंकड़ा
अमित शाह ने पिछले चुनावों के आंकड़े पेश करते हुए भाजपा की ताकत दिखाई:
- 2014 लोकसभा: 17% वोट, 2 सीटें
- 2019 लोकसभा: 41% वोट, 18 सीटें
- 2024 लोकसभा: 39% वोट, 12 सीटें
- 2016 विधानसभा: 10% वोट, 3 सीटें
- 2021 विधानसभा: 38% वोट, 77 सीटें

































