


मध्य प्रदेश: MP हाईकोर्ट सजा मामले में इंदौर खंडपीठ ने बड़ा फैसला सुनाते हुए प्रदेश के पूर्व ACS मोहम्मद सुलेमान समेत चार वरिष्ठ अधिकारियों को 2 महीने की सजा सुनाई है। यह कार्रवाई एक वार्ड बॉय के नियमितिकरण के आदेश की अनदेखी करने पर की गई है।
दरअसल, मामला स्वास्थ्य विभाग में 2004 से 2016 के बीच नियुक्त कर्मचारियों के नियमितिकरण से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने दिसंबर 2023 में आदेश दिया था कि इन कर्मचारियों को उनकी नियुक्ति तिथि से स्थायी किया जाए और सभी सेवा लाभ दिए जाएं।
जस्टिस प्रणय वर्मा की बेंच ने सुनवाई के दौरान अधिकारियों के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि आदेश के बावजूद अधिकारियों ने पालन नहीं किया और बार-बार अदालत को गुमराह करने की कोशिश की। इसे गंभीर मानते हुए चारों अधिकारियों को 2 महीने की साधारण सजा सुनाई गई।
कोर्ट ने पहले अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए। इसके बाद अदालत ने 4 सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया। समयसीमा पूरी होने के बाद भी आदेश का पूर्ण पालन नहीं हुआ, जिससे कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया।
अदालत ने स्पष्ट कहा कि आदेशों के साथ खिलवाड़ और बार-बार तारीख लेने की प्रवृत्ति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसे न्यायपालिका की गरिमा के खिलाफ बताते हुए तत्काल सजा का ऐलान किया गया।
यह फैसला प्रशासनिक अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है कि कोर्ट के आदेशों की अवहेलना गंभीर परिणाम ला सकती है।

































