


लखनपुर( प्रिंस सोनी): विकासखंड लखनपुर अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला कुंवरपुर में शुक्रवार को ‘मापन मेले’ का भव्य आयोजन किया गया। अभिनव शैक्षणिक पहल के तहत आयोजित इस मेले में बच्चों ने खेल-खेल में गणित की बारीकियां सीखीं और ‘करके सीखने’ की पद्धति को साकार रूप दिया।
विद्यालय परिसर में लगे इस अनूठे मेले में नन्हे विद्यार्थियों ने खुद दुकानदार और वॉलिंटियर की भूमिका निभाई। बच्चों ने लंबाई, भार, समय, मुद्रा और क्षेत्रफल से संबंधित अलग-अलग स्टॉल लगाए। स्टॉलों पर तराजू, इंची टेप, स्केल और घड़ियों के माध्यम से मापन की प्रक्रियाओं का प्रदर्शन किया गया। किसी छात्र ने धागे की मदद से स्कूल का परिमाप नापा, तो किसी ने जग और गिलास से पानी की धारिता मापकर दिखाया। इस रचनात्मक गतिविधि ने गणित को किताबों से बाहर निकालकर व्यवहारिक जीवन से जोड़ दिया।कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की शिक्षिकाओं दीप्ति भावसार और सीमा जी की अहम भूमिका रही। उनके मार्गदर्शन में बच्चों ने न केवल स्टॉल तैयार किए, बल्कि आत्मविश्वास के साथ आगंतुकों को गणितीय अवधारणाएं समझाईं।
मेले में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। विकासखंड लखनपुर के एबीईओ और बीआरसीसी ने प्रत्येक स्टॉल का अवलोकन कर बच्चों की सराहना की तथा इस नवाचारी पहल को प्रेरणादायक बताया। संकुल के अन्य शिक्षक भी कार्यक्रम में शामिल हुए और इस प्रयोगात्मक शिक्षण पद्धति की प्रशंसा की।विद्यालय परिवार ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सौरभ सर का विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया, जिनकी प्रेरणा से ‘मापन मेला’ का आयोजन संभव हो सका।कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि गणित केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि हमारे दैनिक जीवन के हर पहलू में समाहित है। जरूरत है तो बस उसे समझने और अनुभव करने की दृष्टि की।































