


MP News : मध्य प्रदेश से राजस्व संग्रहण को लेकर अहम आंकड़े सामने आए हैं। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक रीवा संभाग ने पूरे प्रदेश में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। इसकी मुख्य वजह सिंगरौली जिला माना जा रहा है, जहां से सबसे अधिक राजस्व जमा कराया गया है। सिंगरौली के मजबूत प्रदर्शन के कारण ही रीवा संभाग की ग्रेडिंग प्रदेश स्तर पर शीर्ष पर बनी हुई है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष में रीवा संभाग के जिलों को कुल 1260 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य दिया गया था। अब तक 35 प्रतिशत की औसत वसूली के साथ 437.25 करोड़ रुपये का संग्रहण किया जा चुका है। खास बात यह है कि रीवा संभाग ने अपने कुल लक्ष्य का 58.2 प्रतिशत राजस्व हासिल कर लिया है, जो इंदौर और भोपाल जैसे बड़े संभागों से भी ज्यादा है।
MP News रिपोर्ट के मुताबिक सिंगरौली जिला इस मामले में सबसे आगे रहा है। सिंगरौली को 145 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया था, जिसके मुकाबले 97.12 करोड़ रुपये की वसूली हुई है। यह लक्ष्य का करीब 67 प्रतिशत है और पूरे संभाग में सबसे अधिक योगदान भी यही जिला दे रहा है।
रीवा जिले की स्थिति औसत रही है। यहां 18 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 7.35 करोड़ रुपये यानी करीब 41 प्रतिशत की वसूली हुई है। सतना जिले ने 28 करोड़ के लक्ष्य में 9.91 करोड़ (35 प्रतिशत) और सीधी जिले ने 6 करोड़ के लक्ष्य में 42 प्रतिशत के साथ 2.53 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया है। वहीं, मैहर और मऊगंज जिलों में अब तक राजस्व संग्रहण शून्य रहा है।
हालांकि लक्ष्य के अनुपात में सबसे अच्छा प्रदर्शन अनूपपुर जिले का रहा है, जहां 10 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 7.84 करोड़ रुपये यानी 78 प्रतिशत वसूली हुई। लेकिन लक्ष्य कम होने के कारण शहडोल संभाग रैंकिंग में आगे नहीं आ सका। कुल मिलाकर MP News के अनुसार इस साल राजस्व संग्रहण में रीवा संभाग प्रदेश में सबसे मजबूत बनकर उभरा है।































