

सूरजपुर: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 23वीं किस्त की राशि का अंतरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 20 जून को पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर (हुगली) में आयोजित किसान सम्मेलन से अपने कर कमलों द्वारा ऑनलाइन ट्रांसफर के माध्यम से किया गया। इस अवसर पर देश के 9.44 लाख किसानों के खाते में लगभग 18880 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई, जिसमें सूरजपुर जिले के 100203 किसानों के खाते में 20.04 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत किसानों को प्रतिवर्ष तीन समान किस्तों में, प्रत्येक चार माह में 2000 रुपए की दर से प्रतिवर्ष 6000 रुपए की राशि प्रदान की जाती है। इस राशि से किसानों को कृषि आदान सामग्री क्रय करने एवं कृषि कार्यों में सहयोग प्राप्त हो रहा है, जिससे योजना से लाभान्वित किसानों में हर्ष व्याप्त है।
राशि अंतरण के इस ऐतिहासिक अवसर का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करते हुए जिला एवं विकासखंड स्तर पर वेब लिंक उपलब्ध कराकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला स्तरीय किसान सम्मेलन का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र अजिरमा, अम्बिकापुर में जिला सरगुजा, सूरजपुर एवं कृषि विज्ञान केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसमें कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद सरगुजा माननीय श्री चिंतामणि महाराज एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
सूरजपुर जिले के सभी छह विकासखंडों में विकासखंड स्तर पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के कार्यालय में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं किसानों की गरिमामयी उपस्थिति में प्रोजेक्टर एवं लैपटॉप के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री द्वारा किए गए 23वीं किस्त के राशि अंतरण का सीधा प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट) किसानों को दिखाया गया। प्रत्येक विकासखंड स्तर पर लगभग 50 से 60 की संख्या में तथा ग्राम पंचायत एवं सहकारी समिति स्तर पर लगभग 30 से 40 कृषक उपस्थित रहे।
जिले में आयोजित पीएम किसान उत्सव दिवस उप संचालक कृषि संपदा पैकरा के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों कृषि सहायक संचालक कृषि संदीप सिन्हा, सहायक संचालक कृषि रोशन कुमार ओगरे, सहायक संचालक कृषि आर.एल. भारिया, मिट्टी परीक्षण अधिकारी डॉ. तेजराम बंजारा, सहायक कृषि विकास अधिकारी धीरेन्द्र प्रताप कुशवाहा, एकाउंटेंट कम क्लर्क अभय कुमार ओझा सहित विकासखंड स्तर पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों एवं ग्राम स्तर पर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों का विशेष सहयोग रहा।




















