
Sajjan Kumar Death: 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में दोषी ठहराए गए कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह तिहार जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे थे और लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे।बताया गया कि तबीयत बिगड़ने के बाद उनके शरीर में कोई हलचल नहीं दिखाई दी, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। निधन की सूचना मिलने पर उनके बेटे जग प्रवेश कुमार भी अस्पताल पहुंचे।
1984 दंगों के मामले में हुई थी उम्रकैद
सज्जन कुमार को 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में दोषी ठहराया गया था। मामला दिल्ली के सरस्वती विहार इलाके में 1 नवंबर 1984 को जसवंत सिंह और उनके बेटे तरनदीप सिंह की हत्या से जुड़ा था।अदालत में उन्हें भीड़ को उकसाने समेत दंगा, गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने और हत्या से संबंधित आरोपों में दोषी पाया गया। वर्ष 2025 में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
राजनीति में लंबे समय तक रहा प्रभाव
सज्जन कुमार का जन्म 23 सितंबर 1945 को दिल्ली में हुआ था। उन्होंने 1970 के दशक में राजनीति में कदम रखा और दिल्ली नगर निगम के पार्षद के तौर पर राजनीतिक सफर शुरू किया। बाद में वह दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव भी रहे।इसके बाद वह 1980, 1991 और 2004 में लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। उन्हें संजय गांधी के करीबी नेताओं में गिना जाता था और दिल्ली की राजनीति में उनका लंबे समय तक प्रभाव रहा।
दोषसिद्धि के बाद कांग्रेस से बनाई दूरी
1984 के सिख विरोधी दंगों में दोषी ठहराए जाने के बाद सज्जन कुमार ने वर्ष 2018 में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ती रही और अंततः उन्हें उम्रकैद की सजा भुगतनी पड़ी।उनका निधन ऐसे समय हुआ जब वह दंगों से जुड़े मामले में जेल की सजा काट रहे थे।




















