
सागर : जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है। अब तक इस मामले में 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 से ज्यादा लोग जिले के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। जांच के दौरान पुलिस उस ठिकाने तक भी पहुंची, जहां से कथित तौर पर कम कीमत में शराब बेची जाती थी। बंडा स्थित 'अपना ढाबा' को प्रशासन ने बंद करा दिया है।
छोटे से ढाबे से चल रहा था कथित शराब बिक्री का कारोबार
बंडा तहसील के पाटन, नौराज, डिलौना, बमूरा, हिनौती और गूगराखुर्द गांव जहरीली शराब की घटना से सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं। इसी क्षेत्र में सड़क किनारे 'अपना ढाबा' संचालित हो रहा था।बताया जा रहा है कि ढाबे पर बनी एक गुमटी के जरिए कम कीमत में शराब बेचने का आरोप है। ढाबा किसी बड़े या व्यवस्थित प्रतिष्ठान की तरह नहीं था, बल्कि अस्थायी ढांचे में संचालित हो रहा था।
तलाशी में मिलीं शराब की खाली बोतलें और कार्टन
ढाबे की पड़ताल के दौरान अंदर और आसपास शराब की खाली बोतलें दिखाई दीं। कचरे के ढेर में भी कई खाली बोतलें और डिस्पोजल गिलास मिले। इसके अलावा शराब के खाली कार्टन भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है।इनमें रॉयल स्पेशल ब्रांड के कार्टन के साथ सागर गोल्ड ग्रेन व्हिस्की और बॉम्बे ब्रांड की खाली बोतलें भी मिलीं। आरोप है कि यहां शराब की फुटकर बिक्री के साथ लोगों को बैठाकर शराब पिलाने की व्यवस्था भी की जाती थी।
ढाबा संचालकों पर FIR, देर रात हुई कार्रवाई
मामले में ढाबा संचालक आशीष साहू और मनीष लोधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। प्रशासन ने रविवार 6 सितंबर की देर रात कार्रवाई करते हुए ढाबे को बंद करा दिया।पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि ढाबे तक शराब किस माध्यम से पहुंचती थी और वहां से इसे किन लोगों को बेचा जाता था।
तितरवारा से अलग-अलग इलाकों तक पहुंचने का आरोप
जांच में सामने आया है कि तितरवारा गांव में कथित तौर पर जहरीली शराब तैयार की जाती थी। इसके बाद इसे ठेकों और दूसरे बिक्री केंद्रों तक पहुंचाया जाता था। आरोप है कि कार्टन में 5 से 10 बोतलें रखकर अलग-अलग इलाकों में सप्लाई की जाती थीं और इसी नेटवर्क में 'अपना ढाबा' भी शामिल था।ढाबे से शराब की फुटकर बिक्री किए जाने की बात सामने आने के बाद अब सप्लाई चेन की जांच अहम हो गई है।
पुलिस चौकी से महज एक किलोमीटर दूरी पर था ढाबा
इस पूरे मामले ने स्थानीय निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। 'अपना ढाबा' से संबंधित पुलिस चौकी की दूरी करीब एक किलोमीटर बताई जा रही है।ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि वहां लंबे समय से शराब की कथित बिक्री और सेवन हो रहा था, तो पुलिस की नियमित निगरानी में यह गतिविधि कैसे नहीं आई। अब जांच में इस पहलू की भी पड़ताल होने की उम्मीद है।



















