
बलरामपुर: लोन दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में शंकरगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर बैंक कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर ऋण की राशि में हेराफेरी करने और प्रार्थी से लाखों रुपये की रकम यूपीआई, आरटीजीएस और एनईएफटी के माध्यम से गबन करने का आरोप है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, शंकरगढ़ वार्ड क्रमांक 11 निवासी फूलचन्द्र मिंज ने थाना शंकरगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि शिवशंकर दास, दीपक कुमार टोप्पो और श्रवण कुमार द्वारा बैंक कर्मचारियों के साथ मिलकर लोन दिलाने के नाम पर उससे संपर्क किया गया। आरोपियों ने प्रार्थी को यह भरोसा दिलाया कि लोन की राशि का 60 प्रतिशत हिस्सा वे लेंगे, लोन की किस्त भी पटाएंगे और शेष 40 प्रतिशत राशि प्रार्थी को दे दी जाएगी।
आरोपियों की बातों पर विश्वास कर प्रार्थी ने लोन की प्रक्रिया कराई। इसके बाद उसके नाम पर 32 लाख 52 हजार 500 रुपये का ऋण निकलवाया गया। आरोप है कि उक्त राशि को आरोपियों ने अलग-अलग माध्यमों से अपने कब्जे में ले लिया और प्रार्थी के साथ धोखाधड़ी की। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने अन्य शिक्षकों से भी इसी तरह लोन निकलवाकर लाखों रुपये का गबन किया है।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना शंकरगढ़ में अपराध क्रमांक 96/2026, धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी श्रवण कुमार पिता स्वर्गीय केन्दा खाखा, उम्र 43 वर्ष, निवासी खैराडीह, थाना शंकरगढ़, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज को 29 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।पुलिस के अनुसार, इस धोखाधड़ी प्रकरण से जुड़े दो मुख्य आरोपी पूर्व में थाना गांधीनगर जिला सरगुजा तथा कोंडागांव और नारायणपुर के मामलों में गिरफ्तार किए जा चुके हैं। दोनों आरोपी वर्तमान में जेल में निरुद्ध हैं।शंकरगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की विवेचना अभी जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।



















