
अगर आप अक्सर कार से नेशनल हाईवे पर यात्रा करते हैं, तो आने वाले समय में टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिल सकती है। एक ऐसी नई व्यवस्था शुरू करने की तैयारी की जा रही है, जिसमें वाहन को टोल भुगतान के लिए रुकना नहीं पड़ेगा। गाड़ी चलते हुए ही सिस्टम नंबर प्लेट और फास्टैग की पहचान करेगा और टोल की राशि अपने आप कट जाएगी।हालांकि, इस नई व्यवस्था का मतलब टोल से छूट नहीं है। बदलाव केवल भुगतान की प्रक्रिया में होगा, जिससे वाहन बिना रुके आगे बढ़ सकेंगे और यात्रियों का समय बचेगा।
टोल वसूली का तरीका कैसे बदलेगा?
नेशनल हाईवे पर मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम लागू करने की दिशा में काम किया जा रहा है। शुरुआती चरण में इसका परीक्षण तमिलनाडु के कुछ टोल प्लाजा पर किया जाएगा।इस तकनीक में अत्याधुनिक ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे चलते हुए वाहनों की नंबर प्लेट को पहचान सकेंगे। इसके बाद आरएफआईडी तकनीक के माध्यम से वाहन के फास्टैग की जानकारी प्राप्त की जाएगी और निर्धारित टोल राशि स्वतः खाते से काट ली जाएगी।इस प्रक्रिया में वाहन चालकों को टोल बूथ के सामने रुकने की जरूरत नहीं होगी।
तीन टोल प्लाजा से शुरू होगा ट्रायल
नई व्यवस्था का परीक्षण तमिलनाडु के तीन टोल प्लाजा पर किया जाएगा। इनमें परानूर, नेलिमी और चेन्नासमुद्रम शामिल हैं।जानकारी के मुताबिक, इन टोल प्लाजा से प्रतिदिन 75 हजार से अधिक पैसेंजर कार गुजरती हैं। ऐसे में यह ट्रायल सफल रहने पर बड़ी संख्या में वाहन चालकों को फायदा मिल सकता है।
फास्टैग में बैलेंस नहीं हुआ तो क्या होगा?
नई तकनीक के साथ फास्टैग बैलेंस को लेकर भी अलग व्यवस्था अपनाई जा सकती है। यदि किसी वाहन के फास्टैग में पर्याप्त राशि नहीं है, तो संबंधित वाहन मालिक को इलेक्ट्रॉनिक नोटिस भेजा जा सकता है।वाहन मालिक को बकाया राशि जमा करने के लिए 72 घंटे का समय मिल सकता है। इस अवधि के भीतर फास्टैग रिचार्ज या भुगतान करने पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।वहीं, 72 घंटे के बाद भुगतान करने की स्थिति में दोगुना शुल्क वसूले जाने का प्रावधान हो सकता है।सफल ट्रायल के बाद देशभर में बदल सकती है टोल व्यवस्थातमिलनाडु में होने वाला यह परीक्षण सफल रहा तो भविष्य में मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम को देश के अन्य नेशनल हाईवे और टोल प्लाजा तक भी विस्तार दिया जा सकता है। इससे टोल बूथों पर वाहनों की लंबी लाइन कम होने, ईंधन की बचत और यात्रा का समय घटने की उम्मीद की जा रही है।




















