
नई दिल्ली: दिवाली से पहले केंद्र सरकार ने अग्निवीरों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अग्निपथ योजना में बदलाव के तहत अब अग्निवीरों को सैन्य सेवा में आगे बने रहने के अधिक अवसर देने की तैयारी की गई है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि के अनुसार, पहले चार साल की सेवा पूरी करने वाले 25 प्रतिशत अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर नियमित सैनिक के रूप में शामिल किया जाएगा। वहीं, शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर देने का प्रावधान बताया गया है।इस बदलाव के बाद अग्निवीरों की कुल सेवा अवधि छह साल तक हो सकेगी। हालांकि, अतिरिक्त सेवा के बाद नियमित सैनिक बनने के लिए उनकी इच्छा और निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करना जरूरी होगा।
25% अग्निवीरों को चार साल बाद मिलेगी नियमित नियुक्ति
सरकार के इस फैसले के मुताबिक, अग्निपथ योजना के तहत पहले से तय व्यवस्था में 25 प्रतिशत अग्निवीरों को चार साल की सेवा पूरी होने पर मेरिट के आधार पर नियमित सैनिक के रूप में नियुक्त किया जाएगा। वहीं, बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल की दूसरी सेवा अवधि का प्रस्ताव दिया जाएगा।इस दूसरी सेवा अवधि के दौरान अग्निवीरों को पहले की तुलना में अधिक वेतन, बेहतर सेवा निधि पैकेज और वरिष्ठता संबंधी लाभ भी दिए जाएंगे। दो साल की अतिरिक्त सेवा पूरी करने के बाद उन्हें नियमित सैनिक बनने का अवसर मिलेगा। इसके लिए अग्निवीरों की सहमति और निर्धारित वस्तुनिष्ठ चयन मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य होगा।
अग्निपथ योजना की समीक्षा के बाद लिया गया फैसला
CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बताया कि अग्निपथ योजना 14 जून 2022 को शुरू की गई थी। योजना लागू करते समय ही अग्निवीरों के प्रदर्शन का लगातार मूल्यांकन करने और समय-समय पर इसकी समीक्षा करने का प्रावधान किया गया था।पहले बैच के अग्निवीरों की चार साल की सेवा अवधि पूरी होने के करीब है। इस दौरान उनके प्रदर्शन का आकलन किया गया, जिसमें शारीरिक फिटनेस, अनुशासन, मनोबल, प्रेरणा, तकनीकी दक्षता और कार्यक्षमता के मामले में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इसी फीडबैक और सैन्य बलों की परिचालन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दो साल की अतिरिक्त सेवा का प्रस्ताव दिया गया, जिसे केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी।
देश के लगभग सभी जिलों तक पहुंचा भर्ती का दायरा
CDS ने बताया कि अग्निपथ योजना के चार वर्षों में भर्ती प्रक्रिया में भी कई बदलाव हुए हैं। अब देश के लगभग सभी जिलों में अग्निवीरों की भर्ती हो रही है। भर्ती प्रक्रिया को पहले से अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया गया है।
इसके अलावा अग्निवीरों को सेवा के दौरान शिक्षा और कौशल विकास के अवसर भी दिए जा रहे हैं। 10वीं पास अग्निवीरों को 12वीं की पढ़ाई पूरी करने तथा 12वीं पास अग्निवीरों को स्नातक की पढ़ाई का अवसर दिया जा रहा है। साथ ही उन्हें राष्ट्रीय योग्यता मानकों के अनुरूप कौशल प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
महिलाओं के लिए भी खुले सेना के कई विभाग
जनरल सुब्रमणि ने बताया कि रक्षा बलों की कई शाखाओं में महिलाओं के लिए भी अवसर खोले गए हैं। अग्निवीरों के प्रदर्शन और योजना की उपलब्धियों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना पहले की तरह जारी रहेगी और नई व्यवस्था से अग्निवीरों को सेना में लंबे समय तक सेवा करने तथा नियमित सैनिक बनने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा।
क्या है फैसले का सबसे बड़ा फायदा?
अब चार साल की सेवा के बाद नियमित चयन में जगह नहीं पाने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को भी तुरंत सेवा से बाहर नहीं होना पड़ेगा। उन्हें दो साल और सेना में सेवा करने का मौका मिलेगा। इसके बाद निर्धारित पात्रता और चयन प्रक्रिया के आधार पर नियमित सैनिक बनने का रास्ता खुलेगा।









