

सचिव मीटिंग में पहुंचते है 15-20 लाख की कार से
बलरामपुर/राजपुर। बलरामपुर जिले के राजपुर जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरियों में पदस्थ सचिव नरेंद्र जायसवाल को हटाने के लिए भाजपा मंडल अध्यक्ष सहित ग्रामवासियों ने जिला पंचायत सीईओ, कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मोर्चा खोल दिया है।
मंडल अध्यक्ष जितेंद्र जायसवाल व ग्रामवासियों ने ज्ञापन में आरोप लगाते हुए कहा कि ग्राम पंचायत बरियों में पदस्थ सचिव नरेंद्र जायसवाल बहुत विवादित है आए दिन उसका किसी न किसी से विवाद होते रहता है वह कभी भी कार्यालय में नहीं बैठता है और ना ही किसी ग्रामवासियों का समय पर कार्य करता है बरियों में केवल ठेकेदारी का कार्य करने आता है और अपना ठेकेदारी कर वापस चला जाता है। सचिव के द्वारा निर्माण कार्य भी बहुत निम्नस्तर का कराया जा रहा है ग्रामीण जब उनका विरोध करते है तो वह ग्रामीणों से अपशब्द भाषा का प्रयोग करता है जिससे ग्राम पंचायत बरियों की स्थिति सचिव नरेंद्र जायसवाल के चलते ठीक नहीं है वह जनप्रतिनिधि से भी अच्छे शब्दों से बात नहीं करता है। वर्तमान में सचिव के पास बरियों के अलावा अन्य दो पंचायतों का प्रभार सौंपा गया है। मंडल अध्यक्ष सहित ग्रामवासियों ने सचिव को तत्काल हटाने की मांग की है।
सचिव मीटिंग में पहुंचते है 15-20 लाख की कार से
बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायतों में सचिव एक ही ब्लॉक के ग्राम पंचायतों में कई सालों से राजनीतिक पार्टियों व अधिकारियों के मेहरबानी से जमे हुए है। सचिवों की वेतन करीब 25 से सीनियर को 50 हज़ार रुपए महीने में मिलता है। मगर इनके बच्चें महानगरों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं साथ ही सचिव मीटिंग में 15 से 20 लाख रुपए की वाहन से आते हैं। इसके साथ जिले में कुछ ऐसे सचिव है जो करोड़ो रुपए के बेनामी संपत्ति बनाकर रखे हुए है। इसका उच्चस्तरीय जांच हुआ तो कई सचिव सलाखों के पीछे दिखाई देंगे, इनके ऊपर इनकम टैक्स वाले भी मेहरबान है। ऐसे भ्रष्ट सचिवों को तत्काल हटाना चाहिए ताकि गांव के ग्रामीणों को मूलभूत की सुविधा मिलता रहे।
































