छत्तीसगढ़ :  विजयादशमी के अवसर पर रेल कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ एक ऐसी उपलब्धि भी सामने आई, जिसने महिला सशक्तीकरण की मिसाल पेश की। रावघाट तक पहुंची नई यात्री ट्रेन की कमान महिला लोको पायलट प्रतिभा सिद्धार्थ बंसोड़ ने संभाली। उनके लिए यह केवल एक ट्रेन का परिचालन नहीं, बल्कि एक ऐसे क्षेत्र तक रेल सेवा पहुंचाने का अनुभव था, जहां कभी ट्रेन देखना भी लोगों के लिए दुर्लभ था।

महिला लोको पायलट ने संभाली ट्रेन की जिम्मेदारी

उद्घाटन के दिन मेमू ट्रेन के बालोद रेलवे स्टेशन पहुंचने के दौरान लोको पायलट की जिम्मेदारी प्रतिभा सिद्धार्थ बंसोड़ के पास थी। इस नए रेलखंड पर ट्रेन चलाना उनके लिए एक विशेष अनुभव रहा। उन्होंने इस अवसर को अपने सपने के साकार होने जैसा बताया।

प्रतिभा बंसोड़ के मुताबिक, रावघाट तक ट्रेन पहुंचाना उनके लिए बेहद खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में पहले ट्रेन देखने तक का अवसर नहीं मिलता था, वहां तक रेलगाड़ी ले जाना और वहां से यात्री परिचालन शुरू करने का मौका मिलना उनके लिए यादगार अनुभव है।

उनकी यह उपलब्धि उस बदलाव को भी दर्शाती है, जिसमें महिलाएं रेलवे जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी और परिचालन क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभा रही हैं।

सीएम साय और रेल मंत्री ने दिखाई नई ट्रेनों को हरी झंडी

छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विस्तार के तहत केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर रेलवे स्टेशन से रायपुर-रावघाट और रायपुर-कुरूद नई यात्री रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर ताड़ोकी-रावघाट और अभनपुर-कुरूद रेलखंडों का लोकार्पण भी किया गया। इसके साथ ही रायपुर में आधुनिक इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस सुविधा की आधारशिला रखी गई।

इन परियोजनाओं को प्रदेश में रेल परिवहन के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नई सेवाओं से संबंधित क्षेत्रों में यात्रियों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने और रेल संपर्क मजबूत करने की उम्मीद है।

आजादी के बाद पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ा रावघाट

ताड़ोकी से रावघाट तक रेल लाइन का निर्माण पूरा होने के बाद रावघाट पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ा है। यह उपलब्धि विशेष रूप से बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ तथा जनजातीय क्षेत्रों के लिए अहम है।

रेल संपर्क विकसित होने से इन इलाकों के लोगों को आवागमन के नए विकल्प मिलेंगे। इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, व्यापार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों तक पहुंच आसान होने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

रेल विस्तार के साथ विकास की नई उम्मीदें

छत्तीसगढ़ में नई यात्री रेल सेवाओं की शुरुआत केवल परिवहन सुविधा बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्य शहरों से जोड़ने और स्थानीय आबादी के लिए नए अवसर तैयार करने की उम्मीद है।

इस पूरे घटनाक्रम में महिला लोको पायलट प्रतिभा सिद्धार्थ बंसोड़ की भूमिका ने भी खास पहचान बनाई है। रावघाट तक ट्रेन का परिचालन उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ प्रदेश में बदलते रेल परिदृश्य का यादगार हिस्सा बन गया।

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