

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित चंदा अनियमितता के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव पर चर्चा को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
स्थगन प्रस्ताव खारिज होने के बाद बढ़ा विवाद
कांग्रेस के स्थगन प्रस्ताव पर दोनों पक्षों के विधायकों ने अपने-अपने तर्क रखे। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। प्रस्ताव नामंजूर होने के बाद विपक्षी विधायकों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी।
हंगामे के बीच भी राम मंदिर चंदा मामले को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी रहे। स्थिति को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित कर दी।
धरमलाल कौशिक ने भूपेश बघेल से पूछा दान का विवरण
बहस के दौरान भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सवाल किया कि उन्होंने राम मंदिर के लिए कितना दान दिया है। इस पर भूपेश बघेल ने सदन में जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट को 1 लाख 21 हजार रुपए की राशि दान की थी।
इसके बावजूद सदन में हंगामा जारी रहा। दोबारा कार्यवाही शुरू होने के बाद भी विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी जारी रही। लगातार शोरगुल के चलते विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
तीजन बाई को श्रद्धांजलि के साथ शुरू हुआ सत्र
मानसून सत्र के पहले दिन की शुरुआत पद्म विभूषण तीजन बाई के निधन पर शोक संदेश के साथ हुई। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति में उनके योगदान को याद किया।
पंडवानी को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई
सदन के सभी सदस्यों ने तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित की। विधायकों ने कहा कि उनका निधन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के लिए बड़ी क्षति है। तीजन बाई ने पंडवानी गायन शैली को देश और दुनिया में पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके निधन से कला और संस्कृति जगत में शोक का माहौल है।










